पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- नक्षत्र सावधानी
ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 12:17 अपराह्न तक, फिर मूल।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 8:55 पूर्वाह्न के बाद षष्ठी।
- वार शुद्ध
शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
शोभन — शुभ योग — कल, 3:35 पूर्वाह्न तक, फिर अतिगण्ड।
- करण शुद्ध
बालव — चर करण, शुभ — 8:55 पूर्वाह्न तक, फिर कौलव।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (12:17 अपराह्न – कल, 6:33 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- गुलिक काल8:12 पूर्वाह्न – 9:50 पूर्वाह्नसावधानी
- राहुकाल11:27 पूर्वाह्न – 1:05 अपराह्नत्याज्य
- रवि योग12:17 अपराह्न – कल, 6:33 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- अभिजित मुहूर्त12:41 अपराह्न – 1:29 अपराह्नशुभ
- यमगंड4:20 अपराह्न – 5:58 अपराह्नसावधानी
- अमृत कालकल, 2:29 पूर्वाह्न – कल, 4:05 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:57 पूर्वाह्न – कल, 5:45 पूर्वाह्नशुभ
- पंचमी → षष्ठी8:55 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- ज्येष्ठा → मूल12:17 अपराह्नपरिवर्तन
- शोभन → अतिगण्डकल, 3:35 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:35 पूर्वाह्न – 8:12 पूर्वाह्न
- 9:50 पूर्वाह्न – 11:27 पूर्वाह्न
- 1:05 अपराह्न – 4:20 अपराह्न
- 5:58 अपराह्न – 7:36 अपराह्न