पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि ध्यान दें
शुक्ल प्रतिपदा (नंदा) — शुक्ल प्रतिपदा पर चंद्र निर्बल। पूरे दिन।
- करण ध्यान दें
किंस्तुघ्न — स्थिर करण, सामान्य — 6:37 अपराह्न तक, फिर बव।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
उत्तर फाल्गुनी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 3:54 अपराह्न तक, फिर हस्त।
- योग शुद्ध
शुक्ल — शुभ योग — कल, 12:28 पूर्वाह्न तक, फिर ब्रह्म।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।
दिन की समय-रेखा
- राहुकाल7:41 पूर्वाह्न – 9:12 पूर्वाह्नत्याज्य
- अमृत काल8:35 पूर्वाह्न – 10:11 पूर्वाह्नशुभ
- यमगंड10:42 पूर्वाह्न – 12:13 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:49 पूर्वाह्न – 12:37 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:43 अपराह्न – 3:14 अपराह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:33 पूर्वाह्न – कल, 5:21 पूर्वाह्नशुभ
- उत्तर फाल्गुनी → हस्त3:54 अपराह्नपरिवर्तन
- शुक्ल → ब्रह्मकल, 12:28 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:11 पूर्वाह्न – 7:41 पूर्वाह्न
- 9:12 पूर्वाह्न – 10:42 पूर्वाह्न
- 12:13 अपराह्न – 1:43 अपराह्न
- 3:14 अपराह्न – 6:15 अपराह्न