पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 11:28 पूर्वाह्न के बाद अमावस्या — वर्जित।
- वार ध्यान दें
रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।
- करण ध्यान दें
शकुनि — स्थिर करण, सामान्य — 11:28 पूर्वाह्न तक, फिर चतुष्पाद।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- नक्षत्र शुद्ध
स्वाति — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य (पूरे दिन)।
- योग शुद्ध
आयुष्मान — शुभ योग — कल, 3:02 पूर्वाह्न तक, फिर सौभाग्य।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- अभिजित मुहूर्त11:38 पूर्वाह्न – 12:26 अपराह्नशुभ
- वर्ज्यम्11:50 पूर्वाह्न – 1:26 अपराह्नसावधानी
- यमगंड12:02 अपराह्न – 1:24 अपराह्नसावधानी
- गुलिक काल2:46 अपराह्न – 4:08 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल4:08 अपराह्न – 5:30 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल10:02 अपराह्न – 11:38 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:00 पूर्वाह्न – कल, 5:48 पूर्वाह्नशुभ
- चतुर्दशी → अमावस्या11:28 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- आयुष्मान → सौभाग्यकल, 3:02 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:35 पूर्वाह्न – 11:50 पूर्वाह्न
- 1:26 अपराह्न – 2:46 अपराह्न