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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

27-11-2026 · शुक्रवार · मदुरै
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण तृतीया · शुक्रवारआर्द्रा नक्षत्र · शुभ योग · विष्टि करणपरिहार: सर्वार्थ सिद्धि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    आर्द्रा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 3:08 अपराह्न तक, फिर पुनर्वसु।

  • करण ध्यान दें

    विष्टि — विष्टि (भद्रा) करण, भद्रा अनुभाग देखें — 9:49 पूर्वाह्न तक, फिर बव।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण तृतीया (जया) — शुभ तिथि। 9:49 पूर्वाह्न के बाद चतुर्थी — रिक्ता।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    शुभ — शुभ योग — 11:51 अपराह्न तक, फिर शुक्ल।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    सर्वार्थ सिद्धि योग (3:08 अपराह्न – कल, 6:18 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    भद्रा 6:18 पूर्वाह्न – 9:49 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अमृत काल6:17 पूर्वाह्न – 7:51 पूर्वाह्नशुभ
  • गुलिक काल7:43 पूर्वाह्न – 9:10 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल10:37 पूर्वाह्न – 12:04 अपराह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:40 पूर्वाह्न – 12:28 अपराह्नशुभ
  • यमगंड2:58 अपराह्न – 4:25 अपराह्नसावधानी
  • सर्वार्थ सिद्धि योग3:08 अपराह्न – कल, 6:18 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:42 पूर्वाह्न – कल, 5:30 पूर्वाह्नशुभ
  • तृतीया → चतुर्थी9:49 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • आर्द्रा → पुनर्वसु3:08 अपराह्नपरिवर्तन
  • शुभ → शुक्ल11:51 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:17 पूर्वाह्न – 7:43 पूर्वाह्नतृतीया
  • 9:10 पूर्वाह्न – 10:37 पूर्वाह्नतृतीया
  • 12:04 अपराह्न – 2:58 अपराह्नचतुर्थीअभिजित
  • 4:25 अपराह्न – 5:52 अपराह्नचतुर्थीसिद्ध योग