पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि सावधानी
शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 11:42 अपराह्न के बाद पूर्णिमा — शुभ।
- नक्षत्र सावधानी
भरणी — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 2:02 पूर्वाह्न तक, फिर कृत्तिका।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
वरीयान — शुभ योग — 7:58 अपराह्न तक, फिर परिघ।
- करण शुद्ध
गर — चर करण, शुभ — 1:14 अपराह्न तक, फिर वणिज।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (6:15 पूर्वाह्न – कल, 2:02 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
भद्रा 11:43 अपराह्न – कल, 6:16 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- रवि योग6:15 पूर्वाह्न – कल, 2:02 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- राहुकाल7:42 पूर्वाह्न – 9:09 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड10:36 पूर्वाह्न – 12:03 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:39 पूर्वाह्न – 12:27 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:30 अपराह्न – 2:57 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल9:41 अपराह्न – 11:17 अपराह्नशुभ
- वर्ज्यम्कल, 12:32 पूर्वाह्न – कल, 2:08 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:40 पूर्वाह्न – कल, 5:28 पूर्वाह्नशुभ
- वरीयान → परिघ7:58 अपराह्नपरिवर्तन
- चतुर्दशी → पूर्णिमा11:42 अपराह्नपरिवर्तन
- भरणी → कृत्तिकाकल, 2:02 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:15 पूर्वाह्न – 7:42 पूर्वाह्न
- 9:09 पूर्वाह्न – 10:36 पूर्वाह्न
- 12:03 अपराह्न – 1:30 अपराह्न
- 2:57 अपराह्न – 5:51 अपराह्न