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दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

16-10-2026 · शुक्रवार · लखनऊ
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल षष्ठी · शुक्रवारज्येष्ठा नक्षत्र · शोभन योग · कौलव करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 6:47 पूर्वाह्न तक, फिर मूल।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल षष्ठी (नंदा) — शुभ तिथि। कल, 5:54 पूर्वाह्न के बाद सप्तमी।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    शोभन — शुभ योग — 10:05 अपराह्न तक, फिर अतिगण्ड।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 4:38 अपराह्न तक, फिर तैतिल।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (6:47 पूर्वाह्न – कल, 6:07 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • रवि योग6:47 पूर्वाह्न – कल, 6:07 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • गुलिक काल7:33 पूर्वाह्न – 8:59 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल10:25 पूर्वाह्न – 11:51 पूर्वाह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:27 पूर्वाह्न – 12:15 अपराह्नशुभ
  • यमगंड2:43 अपराह्न – 4:09 अपराह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:31 पूर्वाह्न – कल, 5:19 पूर्वाह्नशुभ
  • ज्येष्ठा → मूल6:47 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • शोभन → अतिगण्ड10:05 अपराह्नपरिवर्तन
  • षष्ठी → सप्तमीकल, 5:54 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:07 पूर्वाह्न – 7:33 पूर्वाह्नषष्ठीसिद्ध योग
  • 8:59 पूर्वाह्न – 10:25 पूर्वाह्नषष्ठीसिद्ध योग
  • 11:51 पूर्वाह्न – 2:43 अपराह्नषष्ठीअभिजितसिद्ध योग
  • 4:09 अपराह्न – 5:36 अपराह्नषष्ठीसिद्ध योग