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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

23-11-2026 · सोमवार · लंदन
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी · सोमवारभरणी नक्षत्र · वरीयान योग · गर करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    शुक्ल चतुर्दशी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 6:12 अपराह्न के बाद पूर्णिमा — शुभ।

  • नक्षत्र सावधानी

    भरणी — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 8:32 अपराह्न तक, फिर कृत्तिका।

  • वार शुद्ध

    सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    वरीयान — शुभ योग — 2:28 अपराह्न तक, फिर परिघ।

  • करण शुद्ध

    गर — चर करण, शुभ — 7:44 पूर्वाह्न तक, फिर वणिज।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (7:33 पूर्वाह्न – 8:32 अपराह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    भद्रा 6:13 अपराह्न – कल, 4:36 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्7:33 पूर्वाह्न – 9:04 पूर्वाह्नसावधानी
  • रवि योग7:33 पूर्वाह्न – 8:32 अपराह्नसिद्ध योग
  • राहुकाल8:36 पूर्वाह्न – 9:39 पूर्वाह्नत्याज्य
  • यमगंड10:42 पूर्वाह्न – 11:46 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:22 पूर्वाह्न – 12:10 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल12:49 अपराह्न – 1:52 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल4:11 अपराह्न – 5:47 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:59 पूर्वाह्न – कल, 6:47 पूर्वाह्नशुभ
  • वरीयान → परिघ2:28 अपराह्नपरिवर्तन
  • चतुर्दशी → पूर्णिमा6:12 अपराह्नपरिवर्तन
  • भरणी → कृत्तिका8:32 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 9:39 पूर्वाह्न – 10:42 पूर्वाह्नचतुर्दशीसिद्ध योग
  • 11:46 पूर्वाह्न – 12:49 अपराह्नचतुर्दशीअभिजितसिद्ध योग
  • 1:52 अपराह्न – 3:59 अपराह्नचतुर्दशीसिद्ध योग