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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

22-11-2026 · रविवार · लंदन
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी · रविवारअश्विनी नक्षत्र · व्यतीपात योग · कौलव करणपरिहार: सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग दोष

    व्यतीपात — महापात योग, शुभ कार्यों में पूर्णतः त्याज्य — 5:59 अपराह्न तक, फिर वरीयान।

  • वार ध्यान दें

    रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल त्रयोदशी (जया) — शुभ तिथि। 9:07 अपराह्न के बाद चतुर्दशी — रिक्ता।

  • नक्षत्र शुद्ध

    अश्विनी — क्षिप्र (लघु) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 10:45 अपराह्न तक, फिर भरणी।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 10:22 पूर्वाह्न तक, फिर तैतिल।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    सर्वार्थ सिद्धि योग (7:31 पूर्वाह्न – 10:45 अपराह्न) · रवि योग (10:45 अपराह्न – कल, 7:33 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • सर्वार्थ सिद्धि योग7:31 पूर्वाह्न – 10:45 अपराह्नसिद्ध योग
  • अभिजित मुहूर्त11:21 पूर्वाह्न – 12:09 अपराह्नशुभ
  • यमगंड11:45 पूर्वाह्न – 12:49 अपराह्नसावधानी
  • गुलिक काल1:52 अपराह्न – 2:56 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल2:56 अपराह्न – 4:00 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल4:03 अपराह्न – 5:39 अपराह्नशुभ
  • वर्ज्यम्7:02 अपराह्न – 8:38 अपराह्नसावधानी
  • रवि योग10:45 अपराह्न – कल, 7:33 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:57 पूर्वाह्न – कल, 6:45 पूर्वाह्नशुभ
  • व्यतीपात → वरीयान5:59 अपराह्नपरिवर्तन
  • त्रयोदशी → चतुर्दशी9:07 अपराह्नपरिवर्तन
  • अश्विनी → भरणी10:45 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:31 पूर्वाह्न – 11:45 पूर्वाह्नत्रयोदशीअभिजितसिद्ध योग
  • 12:49 अपराह्न – 1:52 अपराह्नत्रयोदशीसिद्ध योग