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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

21-10-2026 · बुधवार · लंदन
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल दशमी · बुधवारधनिष्ठा नक्षत्र · गण्ड योग · गर करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग सावधानी

    गण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 8:02 अपराह्न तक, फिर वृद्धि।

  • भद्रा सावधानी

    मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 10:06 अपराह्न – कल, 7:38 पूर्वाह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।

  • पंचक ध्यान दें

    पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल दशमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 9:42 पूर्वाह्न के बाद एकादशी।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 3:17 अपराह्न तक, फिर शतभिषा।

  • करण शुद्ध

    गर — चर करण, शुभ — 9:42 पूर्वाह्न तक, फिर वणिज।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (7:36 पूर्वाह्न – 3:17 अपराह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • रवि योग7:36 पूर्वाह्न – 3:17 अपराह्नसिद्ध योग
  • यमगंड8:53 पूर्वाह्न – 10:10 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल11:27 पूर्वाह्न – 12:44 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)12:20 अपराह्न – 1:08 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल12:44 अपराह्न – 2:01 अपराह्नत्याज्य
  • भद्रा (पृथ्वी)10:06 अपराह्न – कल, 7:37 पूर्वाह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्10:48 अपराह्न – कल, 12:24 पूर्वाह्नसावधानी
  • अमृत कालकल, 4:08 पूर्वाह्न – कल, 5:44 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 6:01 पूर्वाह्न – कल, 6:49 पूर्वाह्नशुभ
  • दशमी → एकादशी9:42 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • धनिष्ठा → शतभिषा3:17 अपराह्नपरिवर्तन
  • गण्ड → वृद्धि8:02 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:36 पूर्वाह्न – 8:53 पूर्वाह्नदशमीसिद्ध योग
  • 10:10 पूर्वाह्न – 11:27 पूर्वाह्नएकादशीसिद्ध योग
  • 2:01 अपराह्न – 5:53 अपराह्नएकादशीसिद्ध योग