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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

15-10-2026 · गुरुवार · लंदन
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल पंचमी · गुरुवारज्येष्ठा नक्षत्र · सौभाग्य योग · बव करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 2:17 पूर्वाह्न तक, फिर मूल।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 10:55 अपराह्न के बाद षष्ठी।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    सौभाग्य — शुभ योग — 4:44 अपराह्न तक, फिर शोभन।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 9:46 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड7:25 पूर्वाह्न – 8:45 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल10:05 पूर्वाह्न – 11:25 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त12:21 अपराह्न – 1:09 अपराह्नशुभ
  • राहुकाल2:05 अपराह्न – 3:25 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल4:29 अपराह्न – 6:05 अपराह्नशुभ
  • वर्ज्यम्कल, 5:47 पूर्वाह्न – कल, 7:23 पूर्वाह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:51 पूर्वाह्न – कल, 6:39 पूर्वाह्नशुभ
  • सौभाग्य → शोभन4:44 अपराह्नपरिवर्तन
  • पंचमी → षष्ठी10:55 अपराह्नपरिवर्तन
  • ज्येष्ठा → मूलकल, 2:17 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:45 पूर्वाह्न – 10:05 पूर्वाह्नपंचमी
  • 11:25 पूर्वाह्न – 2:05 अपराह्नपंचमीअभिजित
  • 3:25 अपराह्न – 6:05 अपराह्नपंचमी