पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- वार सावधानी
शनिवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण द्वादशी (भद्रा) — शुभ तिथि। 7:22 अपराह्न के बाद त्रयोदशी।
- नक्षत्र शुद्ध
स्वाति — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य (पूरे दिन)।
- योग शुद्ध
शोभन — शुभ योग — कल, 2:11 पूर्वाह्न तक, फिर अतिगण्ड।
- करण शुद्ध
तैतिल — चर करण, शुभ — 7:22 अपराह्न तक, फिर गर।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
सर्वार्थ सिद्धि योग (8:00 पूर्वाह्न – कल, 8:01 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- गुलिक काल8:00 पूर्वाह्न – 8:58 पूर्वाह्नसावधानी
- सर्वार्थ सिद्धि योग8:00 पूर्वाह्न – कल, 8:01 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- राहुकाल9:57 पूर्वाह्न – 10:55 पूर्वाह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त11:30 पूर्वाह्न – 12:18 अपराह्नशुभ
- वर्ज्यम्12:20 अपराह्न – 1:56 अपराह्नसावधानी
- यमगंड12:53 अपराह्न – 1:51 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल10:40 अपराह्न – कल, 12:16 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 6:25 पूर्वाह्न – कल, 7:13 पूर्वाह्नशुभ
- द्वादशी → त्रयोदशी7:22 अपराह्नपरिवर्तन
- शोभन → अतिगण्डकल, 2:11 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:58 पूर्वाह्न – 9:57 पूर्वाह्न
- 10:55 पूर्वाह्न – 12:20 अपराह्न
- 1:56 अपराह्न – 3:49 अपराह्न