पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- नक्षत्र सावधानी
पूर्व भाद्रपद — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 1:26 पूर्वाह्न तक, फिर उत्तर भाद्रपद।
- पंचक ध्यान दें
अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल दशमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। कल, 1:46 पूर्वाह्न के बाद एकादशी।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
हर्षण — शुभ योग — कल, 1:09 पूर्वाह्न तक, फिर वज्र।
- करण शुद्ध
तैतिल — चर करण, शुभ — 1:48 अपराह्न तक, फिर गर।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (7:35 पूर्वाह्न – कल, 7:37 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड7:35 पूर्वाह्न – 8:38 पूर्वाह्नसावधानी
- वर्ज्यम्7:35 पूर्वाह्न – 8:53 पूर्वाह्नसावधानी
- रवि योग7:35 पूर्वाह्न – कल, 7:37 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- गुलिक काल9:42 पूर्वाह्न – 10:45 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:25 पूर्वाह्न – 12:13 अपराह्नशुभ
- राहुकाल12:52 अपराह्न – 1:56 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल5:11 अपराह्न – 6:47 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 6:01 पूर्वाह्न – कल, 6:49 पूर्वाह्नशुभ
- हर्षण → वज्रकल, 1:09 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- पूर्व भाद्रपद → उत्तर भाद्रपदकल, 1:26 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- दशमी → एकादशीकल, 1:46 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:53 पूर्वाह्न – 9:42 पूर्वाह्न
- 10:45 पूर्वाह्न – 12:52 अपराह्न
- 1:56 अपराह्न – 4:03 अपराह्न