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दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

11-11-2026 · बुधवार · लेस्टर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल द्वितीया · बुधवारज्येष्ठा नक्षत्र · अतिगण्ड योग · कौलव करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य (पूरे दिन)।

  • योग सावधानी

    अतिगण्ड — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 10:10 अपराह्न तक, फिर सुकर्मा।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल द्वितीया (भद्रा) — शुभ तिथि। 10:23 पूर्वाह्न के बाद तृतीया।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 10:23 पूर्वाह्न तक, फिर तैतिल।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड8:27 पूर्वाह्न – 9:34 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल10:41 पूर्वाह्न – 11:48 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)11:24 पूर्वाह्न – 12:12 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल11:48 पूर्वाह्न – 12:54 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्12:22 अपराह्न – 1:58 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल11:02 अपराह्न – कल, 12:38 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:46 पूर्वाह्न – कल, 6:34 पूर्वाह्नशुभ
  • द्वितीया → तृतीया10:23 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • अतिगण्ड → सुकर्मा10:10 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:21 पूर्वाह्न – 8:27 पूर्वाह्नद्वितीया
  • 9:34 पूर्वाह्न – 10:41 पूर्वाह्नद्वितीया
  • 1:58 अपराह्न – 4:15 अपराह्नतृतीया