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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

29-10-2026 · गुरुवार · लेस्टर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन कृष्ण चतुर्थी · गुरुवारमृगशिरा नक्षत्र · परिघ योग · बालव करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    कृष्ण चतुर्थी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 4:40 अपराह्न के बाद पंचमी — शुभ।

  • योग सावधानी

    परिघ — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 6:35 अपराह्न तक, फिर शिव।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    मृगशिरा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 3:34 पूर्वाह्न तक, फिर आर्द्रा।

  • करण शुद्ध

    बालव — चर करण, शुभ — 4:40 अपराह्न तक, फिर कौलव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड6:57 पूर्वाह्न – 8:09 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल9:22 पूर्वाह्न – 10:34 पूर्वाह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्10:48 पूर्वाह्न – 12:24 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:23 पूर्वाह्न – 12:11 अपराह्नशुभ
  • राहुकाल1:00 अपराह्न – 2:12 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत कालकल, 2:47 पूर्वाह्न – कल, 4:23 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:22 पूर्वाह्न – कल, 6:10 पूर्वाह्नशुभ
  • चतुर्थी → पंचमी4:40 अपराह्नपरिवर्तन
  • परिघ → शिव6:35 अपराह्नपरिवर्तन
  • मृगशिरा → आर्द्राकल, 3:34 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:09 पूर्वाह्न – 9:22 पूर्वाह्नचतुर्थी
  • 12:24 अपराह्न – 1:00 अपराह्नचतुर्थी
  • 2:12 अपराह्न – 4:38 अपराह्नचतुर्थी