पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 7:44 पूर्वाह्न – 10:19 पूर्वाह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- करण ध्यान दें
विष्टि — विष्टि (भद्रा) करण, भद्रा अनुभाग देखें — 10:18 पूर्वाह्न तक, फिर बव।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- पंचक ध्यान दें
पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। 10:18 पूर्वाह्न के बाद द्वादशी।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
शतभिषा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 4:19 अपराह्न तक, फिर पूर्व भाद्रपद।
- योग शुद्ध
वृद्धि — शुभ योग — 7:09 अपराह्न तक, फिर ध्रुव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड7:44 पूर्वाह्न – 9:00 पूर्वाह्नसावधानी
- भद्रा (पृथ्वी)7:44 पूर्वाह्न – 10:19 पूर्वाह्नत्याज्य
- अमृत काल9:14 पूर्वाह्न – 10:50 पूर्वाह्नशुभ
- गुलिक काल10:16 पूर्वाह्न – 11:32 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त12:24 अपराह्न – 1:12 अपराह्नशुभ
- राहुकाल2:04 अपराह्न – 3:20 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्10:47 अपराह्न – कल, 12:23 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 6:10 पूर्वाह्न – कल, 6:58 पूर्वाह्नशुभ
- एकादशी → द्वादशी10:18 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- शतभिषा → पूर्व भाद्रपद4:19 अपराह्नपरिवर्तन
- वृद्धि → ध्रुव7:09 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 11:32 पूर्वाह्न – 2:04 अपराह्न
- 3:20 अपराह्न – 5:52 अपराह्न