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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

18-11-2026 · बुधवार · कुआलालंपुर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल अष्टमी · बुधवारधनिष्ठा नक्षत्र · ध्रुव योग · बव करणपरिहार: रवि योग
उत्तम
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • पंचक ध्यान दें

    अग्नी पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल अष्टमी (जया) — शुभ तिथि। 8:35 पूर्वाह्न के बाद नवमी — रिक्ता।

  • वार शुद्ध

    बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 7:04 पूर्वाह्न तक, फिर शतभिषा।

  • योग शुद्ध

    ध्रुव — शुभ योग — 10:35 पूर्वाह्न तक, फिर व्याघात।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 8:35 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (7:04 पूर्वाह्न – कल, 7:00 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • रवि योग7:04 पूर्वाह्न – कल, 7:00 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • यमगंड8:29 पूर्वाह्न – 9:59 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल11:28 पूर्वाह्न – 12:58 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित (बुधवार को वर्जित)12:34 अपराह्न – 1:22 अपराह्नध्यान दें
  • राहुकाल12:58 अपराह्न – 2:27 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्2:45 अपराह्न – 4:21 अपराह्नसावधानी
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:24 पूर्वाह्न – कल, 6:12 पूर्वाह्नशुभ
  • धनिष्ठा → शतभिषा7:04 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • अष्टमी → नवमी8:35 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • ध्रुव → व्याघात10:35 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:00 पूर्वाह्न – 8:29 पूर्वाह्नअष्टमीसिद्ध योग
  • 9:59 पूर्वाह्न – 11:28 पूर्वाह्ननवमीसिद्ध योग
  • 4:21 अपराह्न – 6:56 अपराह्ननवमीसिद्ध योग