पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। 1:06 अपराह्न के बाद द्वादशी।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
उत्तर फाल्गुनी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 6:25 पूर्वाह्न तक, फिर हस्त।
- योग शुद्ध
इन्द्र — शुभ योग — 8:56 पूर्वाह्न तक, फिर वैधृति।
- करण शुद्ध
बालव — चर करण, शुभ — 1:06 अपराह्न तक, फिर कौलव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड6:57 पूर्वाह्न – 8:26 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल9:56 पूर्वाह्न – 11:26 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त12:32 अपराह्न – 1:20 अपराह्नशुभ
- वर्ज्यम्1:20 अपराह्न – 2:56 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल2:25 अपराह्न – 3:55 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल11:31 अपराह्न – कल, 1:07 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:21 पूर्वाह्न – कल, 6:09 पूर्वाह्नशुभ
- इन्द्र → वैधृति8:56 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- एकादशी → द्वादशी1:06 अपराह्नपरिवर्तन
- उत्तर फाल्गुनी → हस्तकल, 6:25 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:26 पूर्वाह्न – 9:56 पूर्वाह्न
- 11:26 पूर्वाह्न – 1:20 अपराह्न
- 3:55 अपराह्न – 6:55 अपराह्न