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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

17-11-2026 · मंगलवार · कोलकाता
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल अष्टमी · मंगलवारधनिष्ठा नक्षत्र · वृद्धि योग · विष्टि करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • भद्रा सावधानी

    मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 5:51 पूर्वाह्न – 5:18 अपराह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।

  • करण ध्यान दें

    विष्टि — विष्टि (भद्रा) करण, भद्रा अनुभाग देखें — 5:17 अपराह्न तक, फिर बव।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल अष्टमी (जया) — शुभ तिथि। पूरे दिन।

  • नक्षत्र शुद्ध

    धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 4:34 पूर्वाह्न तक, फिर शतभिषा।

  • योग शुद्ध

    वृद्धि — शुभ योग — 7:53 पूर्वाह्न तक, फिर ध्रुव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • भद्रा (पृथ्वी)5:51 पूर्वाह्न – 5:18 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्6:40 पूर्वाह्न – 8:16 पूर्वाह्नसावधानी
  • यमगंड8:36 पूर्वाह्न – 9:58 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त10:57 पूर्वाह्न – 11:45 पूर्वाह्नशुभ
  • गुलिक काल11:21 पूर्वाह्न – 12:43 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल2:06 अपराह्न – 3:28 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल5:11 अपराह्न – 6:47 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:16 पूर्वाह्न – कल, 5:04 पूर्वाह्नशुभ
  • वृद्धि → ध्रुव7:53 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • धनिष्ठा → शतभिषाकल, 4:34 पूर्वाह्नपरिवर्तन