पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा (बलि प्रतिपदा) — साढ़े तीन में से आधा मुहूर्त — लोक-परंपरा में इस दिन अधिकांश शुभ कार्य बिना अलग मुहूर्त देखे किए जाते हैं। फिर भी राहुकाल और भद्रा का समय छोड़ें।
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- तिथि ध्यान दें
शुक्ल प्रतिपदा (नंदा) — शुक्ल प्रतिपदा पर चंद्र निर्बल। 2:00 अपराह्न के बाद द्वितीया — शुभ।
- नक्षत्र ध्यान दें
विशाखा — मिश्र (साधारण) नक्षत्र, सामान्य कार्यों हेतु — 9:19 पूर्वाह्न तक, फिर अनुराधा।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- योग शुद्ध
शोभन — शुभ योग — कल, 3:09 पूर्वाह्न तक, फिर अतिगण्ड।
- करण शुद्ध
बव — चर करण, शुभ — 2:00 अपराह्न तक, फिर बालव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड9:13 पूर्वाह्न – 10:40 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:44 पूर्वाह्न – 12:32 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल12:08 अपराह्न – 1:35 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्1:42 अपराह्न – 3:18 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल3:03 अपराह्न – 4:30 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल11:49 अपराह्न – कल, 1:25 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:42 पूर्वाह्न – कल, 5:30 पूर्वाह्नशुभ
- विशाखा → अनुराधा9:19 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- प्रतिपदा → द्वितीया2:00 अपराह्नपरिवर्तन
- शोभन → अतिगण्डकल, 3:09 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:18 पूर्वाह्न – 9:13 पूर्वाह्न
- 10:40 पूर्वाह्न – 12:08 अपराह्न
- 4:30 अपराह्न – 5:58 अपराह्न