पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- योग सावधानी
वज्र — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 2:16 अपराह्न तक, फिर सिद्धि।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णा) — शुभ तिथि। 9:41 पूर्वाह्न के बाद प्रतिपदा।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
अश्विनी — क्षिप्र (लघु) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 5:41 अपराह्न तक, फिर भरणी।
- करण शुद्ध
बव — चर करण, शुभ — 9:41 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- राहुकाल7:43 पूर्वाह्न – 9:11 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड10:40 पूर्वाह्न – 12:08 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल10:59 पूर्वाह्न – 12:35 अपराह्नशुभ
- अभिजित मुहूर्त11:44 पूर्वाह्न – 12:32 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:36 अपराह्न – 3:05 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्1:58 अपराह्न – 3:34 अपराह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:39 पूर्वाह्न – कल, 5:27 पूर्वाह्नशुभ
- पूर्णिमा → प्रतिपदा9:41 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- वज्र → सिद्धि2:16 अपराह्नपरिवर्तन
- अश्विनी → भरणी5:41 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:15 पूर्वाह्न – 7:43 पूर्वाह्न
- 9:11 पूर्वाह्न – 10:40 पूर्वाह्न
- 12:08 अपराह्न – 1:36 अपराह्न
- 3:34 अपराह्न – 6:02 अपराह्न