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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

02-11-2026 · सोमवार · झारसुगुड़ा
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन कृष्ण अष्टमी · सोमवारआश्लेषा नक्षत्र · शुभ योग · कौलव करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    आश्लेषा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 3:46 पूर्वाह्न तक, फिर मघा।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण अष्टमी (जया) — शुभ तिथि। 1:11 अपराह्न के बाद नवमी — रिक्ता।

  • वार शुद्ध

    सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    शुभ — शुभ योग — 12:06 अपराह्न तक, फिर शुक्ल।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 1:11 अपराह्न तक, फिर तैतिल।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • राहुकाल7:22 पूर्वाह्न – 8:47 पूर्वाह्नत्याज्य
  • यमगंड10:11 पूर्वाह्न – 11:36 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:12 पूर्वाह्न – 12:00 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल1:01 अपराह्न – 2:25 अपराह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्4:55 अपराह्न – 6:31 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल10:25 अपराह्न – कल, 12:01 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:23 पूर्वाह्न – कल, 5:11 पूर्वाह्नशुभ
  • शुभ → शुक्ल12:06 अपराह्नपरिवर्तन
  • अष्टमी → नवमी1:11 अपराह्नपरिवर्तन
  • आश्लेषा → मघाकल, 3:46 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 5:58 पूर्वाह्न – 7:22 पूर्वाह्नअष्टमी
  • 8:47 पूर्वाह्न – 10:11 पूर्वाह्नअष्टमी
  • 11:36 पूर्वाह्न – 1:01 अपराह्नअष्टमीअभिजित
  • 2:25 अपराह्न – 4:55 अपराह्ननवमी