पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि शुद्ध
शुक्ल अष्टमी (जया) — शुभ तिथि। 10:52 पूर्वाह्न के बाद नवमी — रिक्ता।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
उत्तराषाढ़ा — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 3:38 अपराह्न तक, फिर श्रावण।
- योग शुद्ध
धृति — शुभ योग — कल, 12:34 पूर्वाह्न तक, फिर शूल।
- करण शुद्ध
बव — चर करण, शुभ — 10:52 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
सर्वार्थ सिद्धि योग (3:38 अपराह्न – कल, 5:52 पूर्वाह्न) · रवि योग (3:38 अपराह्न – कल, 5:52 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज का पंचांग शुद्ध है और विशेष सिद्ध योग भी बन रहा है। नया कार्य, पूजा-अनुष्ठान, खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए दिन अत्यंत अनुकूल है — राहुकाल आदि का समय छोड़कर।
दिन की समय-रेखा
- राहुकाल7:18 पूर्वाह्न – 8:45 पूर्वाह्नत्याज्य
- अमृत काल8:29 पूर्वाह्न – 10:05 पूर्वाह्नशुभ
- यमगंड10:11 पूर्वाह्न – 11:38 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:14 पूर्वाह्न – 12:02 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल1:05 अपराह्न – 2:31 अपराह्नसावधानी
- सर्वार्थ सिद्धि योग3:38 अपराह्न – कल, 5:52 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- रवि योग3:38 अपराह्न – कल, 5:52 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- वर्ज्यम्8:02 अपराह्न – 9:38 अपराह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:16 पूर्वाह्न – कल, 5:04 पूर्वाह्नशुभ
- अष्टमी → नवमी10:52 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- उत्तराषाढ़ा → श्रावण3:38 अपराह्नपरिवर्तन
- धृति → शूलकल, 12:34 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 5:52 पूर्वाह्न – 7:18 पूर्वाह्न
- 8:45 पूर्वाह्न – 10:11 पूर्वाह्न
- 11:38 पूर्वाह्न – 1:05 अपराह्न
- 2:31 अपराह्न – 5:25 अपराह्न