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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

30-09-2027 · गुरुवार · हैराबाद
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

भाद्रपद कृष्ण अमावस्या · गुरुवारहस्त नक्षत्र · ब्रह्म योग · नाग करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि दोष

    कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। 8:06 पूर्वाह्न के बाद प्रतिपदा।

  • करण ध्यान दें

    नाग — स्थिर करण, सामान्य — 8:06 पूर्वाह्न तक, फिर किंस्तुघ्न।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    हस्त — क्षिप्र (लघु) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 2:11 पूर्वाह्न तक, फिर चित्रा।

  • योग शुद्ध

    ब्रह्म — शुभ योग — 9:08 अपराह्न तक, फिर इन्द्र।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    भाद्रपद मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड6:07 पूर्वाह्न – 7:36 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल9:06 पूर्वाह्न – 10:36 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:42 पूर्वाह्न – 12:30 अपराह्नशुभ
  • वर्ज्यम्11:46 पूर्वाह्न – 1:22 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल1:35 अपराह्न – 3:05 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल8:39 अपराह्न – 10:15 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:31 पूर्वाह्न – कल, 5:19 पूर्वाह्नशुभ
  • अमावस्या → प्रतिपदा8:06 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • ब्रह्म → इन्द्र9:08 अपराह्नपरिवर्तन
  • हस्त → चित्राकल, 2:11 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:36 पूर्वाह्न – 9:06 पूर्वाह्नअमावस्या
  • 10:36 पूर्वाह्न – 11:46 पूर्वाह्नप्रतिपदाअभिजित
  • 3:05 अपराह्न – 6:05 अपराह्नप्रतिपदा