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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

04-12-2026 · शुक्रवार · ग्वालियर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण एकादशी · शुक्रवारहस्त नक्षत्र · आयुष्मान योग · बव करण
उत्तम
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। 11:45 अपराह्न के बाद द्वादशी।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    हस्त — क्षिप्र (लघु) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 10:22 पूर्वाह्न तक, फिर चित्रा।

  • योग शुद्ध

    आयुष्मान — शुभ योग — 8:23 पूर्वाह्न तक, फिर सौभाग्य।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 11:21 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल8:09 पूर्वाह्न – 9:28 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल10:47 पूर्वाह्न – 12:06 अपराह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:42 पूर्वाह्न – 12:30 अपराह्नशुभ
  • यमगंड2:44 अपराह्न – 4:03 अपराह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्6:51 अपराह्न – 8:27 अपराह्नसावधानी
  • अमृत कालकल, 4:08 पूर्वाह्न – कल, 5:44 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:15 पूर्वाह्न – कल, 6:03 पूर्वाह्नशुभ
  • आयुष्मान → सौभाग्य8:23 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • हस्त → चित्रा10:22 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • एकादशी → द्वादशी11:45 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:50 पूर्वाह्न – 8:09 पूर्वाह्नएकादशी
  • 9:28 पूर्वाह्न – 10:47 पूर्वाह्नएकादशी
  • 12:06 अपराह्न – 2:44 अपराह्नएकादशीअभिजित
  • 4:03 अपराह्न – 5:23 अपराह्नएकादशी