पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि दोष
कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। 8:06 पूर्वाह्न के बाद प्रतिपदा।
- करण ध्यान दें
नाग — स्थिर करण, सामान्य — 8:06 पूर्वाह्न तक, फिर किंस्तुघ्न।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
हस्त — क्षिप्र (लघु) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 2:11 पूर्वाह्न तक, फिर चित्रा।
- योग शुद्ध
ब्रह्म — शुभ योग — 9:08 अपराह्न तक, फिर इन्द्र।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
भाद्रपद मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड5:15 पूर्वाह्न – 6:44 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल8:13 पूर्वाह्न – 9:43 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त10:48 पूर्वाह्न – 11:36 पूर्वाह्नशुभ
- वर्ज्यम्11:46 पूर्वाह्न – 1:22 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल12:41 अपराह्न – 2:11 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल8:39 अपराह्न – 10:15 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 3:40 पूर्वाह्न – कल, 4:28 पूर्वाह्नशुभ
- अमावस्या → प्रतिपदा8:06 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- ब्रह्म → इन्द्र9:08 अपराह्नपरिवर्तन
- हस्त → चित्राकल, 2:11 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:44 पूर्वाह्न – 8:13 पूर्वाह्न
- 9:43 पूर्वाह्न – 11:46 पूर्वाह्न
- 2:11 अपराह्न – 5:10 अपराह्न