पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- योग सावधानी
वज्र — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 12:15 अपराह्न तक, फिर सिद्धि।
- भद्रा सावधानी
मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 9:16 अपराह्न – कल, 6:58 पूर्वाह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।
- पंचक ध्यान दें
राज पंचक चल रहा है — दक्षिण दिशा यात्रा, छत डालना, लकड़ी संग्रह आदि टालें।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल सप्तमी (भद्रा) — शुभ तिथि। 9:16 अपराह्न के बाद अष्टमी।
- वार शुद्ध
बुधवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
शतभिषा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 12:32 अपराह्न तक, फिर पूर्व भाद्रपद।
- करण शुद्ध
गर — चर करण, शुभ — 8:38 पूर्वाह्न तक, फिर वणिज।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (8:51 पूर्वाह्न – 12:32 अपराह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- मास शुद्ध
मार्गशीर्ष मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड8:16 पूर्वाह्न – 9:35 पूर्वाह्नसावधानी
- रवि योग8:51 पूर्वाह्न – 12:32 अपराह्नसिद्ध योग
- गुलिक काल10:54 पूर्वाह्न – 12:13 अपराह्नसावधानी
- अभिजित (बुधवार को वर्जित)11:49 पूर्वाह्न – 12:37 अपराह्नध्यान दें
- राहुकाल12:13 अपराह्न – 1:32 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्7:20 अपराह्न – 8:56 अपराह्नसावधानी
- भद्रा (पृथ्वी)9:16 अपराह्न – कल, 6:58 पूर्वाह्नत्याज्य
- अमृत कालकल, 5:08 पूर्वाह्न – कल, 6:44 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:22 पूर्वाह्न – कल, 6:10 पूर्वाह्नशुभ
- वज्र → सिद्धि12:15 अपराह्नपरिवर्तन
- शतभिषा → पूर्व भाद्रपद12:32 अपराह्नपरिवर्तन
- सप्तमी → अष्टमी9:16 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:57 पूर्वाह्न – 8:16 पूर्वाह्न
- 9:35 पूर्वाह्न – 10:54 पूर्वाह्न
- 1:32 अपराह्न – 5:30 अपराह्न