पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- मास सावधानी
खरमास — विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार वर्जित; पूजा-पाठ, दान शुभ।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल त्रयोदशी (जया) — शुभ तिथि। 8:52 अपराह्न के बाद चतुर्दशी — रिक्ता।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
रोहिणी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 9:18 अपराह्न तक, फिर मृगशिरा।
- योग शुद्ध
शुभ — शुभ योग — 3:42 अपराह्न तक, फिर शुक्ल।
- करण शुद्ध
कौलव — चर करण, शुभ — 10:36 पूर्वाह्न तक, फिर तैतिल।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (9:18 अपराह्न – कल, 7:05 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड7:05 पूर्वाह्न – 8:24 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल9:43 पूर्वाह्न – 11:02 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:58 पूर्वाह्न – 12:46 अपराह्नशुभ
- राहुकाल1:41 अपराह्न – 3:00 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्2:12 अपराह्न – 3:48 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल6:28 अपराह्न – 8:04 अपराह्नशुभ
- रवि योग9:18 अपराह्न – कल, 7:05 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:29 पूर्वाह्न – कल, 6:17 पूर्वाह्नशुभ
- शुभ → शुक्ल3:42 अपराह्नपरिवर्तन
- त्रयोदशी → चतुर्दशी8:52 अपराह्नपरिवर्तन
- रोहिणी → मृगशिरा9:18 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:24 पूर्वाह्न – 9:43 पूर्वाह्न
- 11:02 पूर्वाह्न – 1:41 अपराह्न
- 3:48 अपराह्न – 5:39 अपराह्न