DivyaKaal

दिव्य समय, शुभ जीवन

दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

01-01-2026 · गुरुवार · दुबई
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

पौष शुक्ल त्रयोदशी · गुरुवाररोहिणी नक्षत्र · शुभ योग · कौलव करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • मास सावधानी

    खरमास — विवाह, गृह-प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार वर्जित; पूजा-पाठ, दान शुभ।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल त्रयोदशी (जया) — शुभ तिथि। 8:52 अपराह्न के बाद चतुर्दशी — रिक्ता।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    रोहिणी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 9:18 अपराह्न तक, फिर मृगशिरा।

  • योग शुद्ध

    शुभ — शुभ योग — 3:42 अपराह्न तक, फिर शुक्ल।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 10:36 पूर्वाह्न तक, फिर तैतिल।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (9:18 अपराह्न – कल, 7:05 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड7:05 पूर्वाह्न – 8:24 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल9:43 पूर्वाह्न – 11:02 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:58 पूर्वाह्न – 12:46 अपराह्नशुभ
  • राहुकाल1:41 अपराह्न – 3:00 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्2:12 अपराह्न – 3:48 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल6:28 अपराह्न – 8:04 अपराह्नशुभ
  • रवि योग9:18 अपराह्न – कल, 7:05 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:29 पूर्वाह्न – कल, 6:17 पूर्वाह्नशुभ
  • शुभ → शुक्ल3:42 अपराह्नपरिवर्तन
  • त्रयोदशी → चतुर्दशी8:52 अपराह्नपरिवर्तन
  • रोहिणी → मृगशिरा9:18 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:24 पूर्वाह्न – 9:43 पूर्वाह्नत्रयोदशी
  • 11:02 पूर्वाह्न – 1:41 अपराह्नत्रयोदशीअभिजित
  • 3:48 अपराह्न – 5:39 अपराह्नत्रयोदशी