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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

08-12-2026 · मंगलवार · शिकागो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण अमावस्या · मंगलवारज्येष्ठा नक्षत्र · धृति योग · नाग करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि दोष

    कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। 6:51 अपराह्न के बाद प्रतिपदा।

  • वार सावधानी

    मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य (पूरे दिन)।

  • करण ध्यान दें

    नाग — स्थिर करण, सामान्य — 6:51 अपराह्न तक, फिर किंस्तुघ्न।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • योग शुद्ध

    धृति — शुभ योग — 9:09 अपराह्न तक, फिर शूल।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड9:24 पूर्वाह्न – 10:33 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:18 पूर्वाह्न – 12:06 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल11:42 पूर्वाह्न – 12:51 अपराह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्1:01 अपराह्न – 2:37 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल2:00 अपराह्न – 3:09 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल11:42 अपराह्न – कल, 1:18 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:31 पूर्वाह्न – कल, 6:19 पूर्वाह्नशुभ
  • अमावस्या → प्रतिपदा6:51 अपराह्नपरिवर्तन
  • धृति → शूल9:09 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:06 पूर्वाह्न – 9:24 पूर्वाह्नअमावस्या
  • 10:33 पूर्वाह्न – 11:42 पूर्वाह्नअमावस्याअभिजित
  • 3:09 अपराह्न – 4:18 अपराह्नअमावस्या