पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि दोष
कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। 6:51 अपराह्न के बाद प्रतिपदा।
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- नक्षत्र सावधानी
ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य (पूरे दिन)।
- करण ध्यान दें
नाग — स्थिर करण, सामान्य — 6:51 अपराह्न तक, फिर किंस्तुघ्न।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- योग शुद्ध
धृति — शुभ योग — 9:09 अपराह्न तक, फिर शूल।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड9:24 पूर्वाह्न – 10:33 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:18 पूर्वाह्न – 12:06 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल11:42 पूर्वाह्न – 12:51 अपराह्नसावधानी
- वर्ज्यम्1:01 अपराह्न – 2:37 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल2:00 अपराह्न – 3:09 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल11:42 अपराह्न – कल, 1:18 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:31 पूर्वाह्न – कल, 6:19 पूर्वाह्नशुभ
- अमावस्या → प्रतिपदा6:51 अपराह्नपरिवर्तन
- धृति → शूल9:09 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 7:06 पूर्वाह्न – 9:24 पूर्वाह्न
- 10:33 पूर्वाह्न – 11:42 पूर्वाह्न
- 3:09 अपराह्न – 4:18 अपराह्न