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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

07-12-2026 · सोमवार · शिकागो
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी · सोमवारअनुराधा नक्षत्र · सुकर्मा योग · शकुनि करणपरिहार: सर्वार्थ सिद्धि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 4:43 अपराह्न के बाद अमावस्या — वर्जित।

  • करण ध्यान दें

    शकुनि — स्थिर करण, सामान्य — 4:43 अपराह्न तक, फिर चतुष्पाद।

  • वार शुद्ध

    सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    अनुराधा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 6:46 पूर्वाह्न तक, फिर ज्येष्ठा।

  • योग शुद्ध

    सुकर्मा — शुभ योग — 8:36 अपराह्न तक, फिर धृति।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    सर्वार्थ सिद्धि योग (7:05 पूर्वाह्न – कल, 6:46 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • सर्वार्थ सिद्धि योग7:05 पूर्वाह्न – कल, 6:46 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • राहुकाल8:14 पूर्वाह्न – 9:23 पूर्वाह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्8:43 पूर्वाह्न – 10:19 पूर्वाह्नसावधानी
  • यमगंड10:32 पूर्वाह्न – 11:41 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:17 पूर्वाह्न – 12:05 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल12:50 अपराह्न – 1:59 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल7:18 अपराह्न – 8:54 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:30 पूर्वाह्न – कल, 6:18 पूर्वाह्नशुभ
  • चतुर्दशी → अमावस्या4:43 अपराह्नपरिवर्तन
  • सुकर्मा → धृति8:36 अपराह्नपरिवर्तन
  • अनुराधा → ज्येष्ठाकल, 6:46 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:05 पूर्वाह्न – 8:14 पूर्वाह्नचतुर्दशीसिद्ध योग
  • 11:41 पूर्वाह्न – 12:50 अपराह्नचतुर्दशीअभिजितसिद्ध योग
  • 1:59 अपराह्न – 4:18 अपराह्नचतुर्दशीसिद्ध योग