पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। 12:15 अपराह्न के बाद द्वादशी।
- वार शुद्ध
शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
चित्रा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 12:18 पूर्वाह्न तक, फिर स्वाति।
- योग शुद्ध
सौभाग्य — शुभ योग — 8:22 अपराह्न तक, फिर शोभन।
- करण शुद्ध
बालव — चर करण, शुभ — 12:15 अपराह्न तक, फिर कौलव।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।
दिन की समय-रेखा
- वर्ज्यम्7:21 पूर्वाह्न – 8:57 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल8:12 पूर्वाह्न – 9:21 पूर्वाह्नसावधानी
- राहुकाल10:31 पूर्वाह्न – 11:40 पूर्वाह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त11:16 पूर्वाह्न – 12:04 अपराह्नशुभ
- यमगंड1:59 अपराह्न – 3:08 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल5:32 अपराह्न – 7:08 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:28 पूर्वाह्न – कल, 6:16 पूर्वाह्नशुभ
- एकादशी → द्वादशी12:15 अपराह्नपरिवर्तन
- सौभाग्य → शोभन8:22 अपराह्नपरिवर्तन
- चित्रा → स्वातिकल, 12:18 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 9:21 पूर्वाह्न – 10:31 पूर्वाह्न
- 11:40 पूर्वाह्न – 1:59 अपराह्न
- 3:08 अपराह्न – 4:18 अपराह्न