पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- नक्षत्र सावधानी
आर्द्रा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — कल, 3:38 पूर्वाह्न तक, फिर पुनर्वसु।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- तिथि शुद्ध
कृष्ण तृतीया (जया) — शुभ तिथि। 10:19 अपराह्न के बाद चतुर्थी — रिक्ता।
- वार शुद्ध
गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- योग शुद्ध
साध्य — शुभ योग — 4:14 अपराह्न तक, फिर शुभ।
- करण शुद्ध
वणिज — चर करण, शुभ — 12:00 अपराह्न तक, फिर विष्टि।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
भद्रा 12:01 अपराह्न – 10:19 अपराह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- यमगंड6:54 पूर्वाह्न – 8:04 पूर्वाह्नसावधानी
- गुलिक काल9:15 पूर्वाह्न – 10:26 पूर्वाह्नसावधानी
- वर्ज्यम्10:12 पूर्वाह्न – 11:48 पूर्वाह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:13 पूर्वाह्न – 12:01 अपराह्नशुभ
- राहुकाल12:47 अपराह्न – 1:58 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल6:45 अपराह्न – 8:21 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:19 पूर्वाह्न – कल, 6:07 पूर्वाह्नशुभ
- साध्य → शुभ4:14 अपराह्नपरिवर्तन
- तृतीया → चतुर्थी10:19 अपराह्नपरिवर्तन
- आर्द्रा → पुनर्वसुकल, 3:38 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:04 पूर्वाह्न – 9:15 पूर्वाह्न
- 11:48 पूर्वाह्न – 12:47 अपराह्न
- 1:58 अपराह्न – 4:20 अपराह्न