पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि दोष
कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। कल, 1:02 पूर्वाह्न के बाद प्रतिपदा।
- वार ध्यान दें
रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।
- करण ध्यान दें
चतुष्पाद — स्थिर करण, सामान्य — 12:27 अपराह्न तक, फिर नाग।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- नक्षत्र शुद्ध
स्वाति — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 7:54 अपराह्न तक, फिर विशाखा।
- योग शुद्ध
आयुष्मान — शुभ योग — 3:32 अपराह्न तक, फिर सौभाग्य।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।
दिन की समय-रेखा
- अमृत काल10:32 पूर्वाह्न – 12:08 अपराह्नशुभ
- अभिजित मुहूर्त11:09 पूर्वाह्न – 11:57 पूर्वाह्नशुभ
- यमगंड11:33 पूर्वाह्न – 12:48 अपराह्नसावधानी
- गुलिक काल2:04 अपराह्न – 3:19 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल3:19 अपराह्न – 4:35 अपराह्नत्याज्य
- वर्ज्यम्कल, 12:20 पूर्वाह्न – कल, 1:56 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:58 पूर्वाह्न – कल, 5:46 पूर्वाह्नशुभ
- आयुष्मान → सौभाग्य3:32 अपराह्नपरिवर्तन
- स्वाति → विशाखा7:54 अपराह्नपरिवर्तन
- अमावस्या → प्रतिपदाकल, 1:02 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:32 पूर्वाह्न – 11:33 पूर्वाह्न
- 12:48 अपराह्न – 2:04 अपराह्न