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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

08-12-2026 · मंगलवार · चेन्नई
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण अमावस्या · मंगलवारअनुराधा नक्षत्र · सुकर्मा योग · चतुष्पाद करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि दोष

    कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। पूरे दिन।

  • वार सावधानी

    मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • करण ध्यान दें

    चतुष्पाद — स्थिर करण, सामान्य — 5:15 अपराह्न तक, फिर नाग।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • नक्षत्र शुद्ध

    अनुराधा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 6:16 अपराह्न तक, फिर ज्येष्ठा।

  • योग शुद्ध

    सुकर्मा — शुभ योग — 8:06 पूर्वाह्न तक, फिर धृति।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अमृत काल6:48 पूर्वाह्न – 8:24 पूर्वाह्नशुभ
  • यमगंड9:10 पूर्वाह्न – 10:35 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:36 पूर्वाह्न – 12:24 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल12:00 अपराह्न – 1:25 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल2:50 अपराह्न – 4:15 अपराह्नत्याज्य
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:44 पूर्वाह्न – कल, 5:32 पूर्वाह्नशुभ
  • सुकर्मा → धृति8:06 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • अनुराधा → ज्येष्ठा6:16 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:20 पूर्वाह्न – 9:10 पूर्वाह्नअमावस्या
  • 10:35 पूर्वाह्न – 12:00 अपराह्नअमावस्याअभिजित
  • 1:25 अपराह्न – 2:50 अपराह्नअमावस्या
  • 4:15 अपराह्न – 5:41 अपराह्नअमावस्या