पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- वार सावधानी
शनिवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- नक्षत्र सावधानी
पूर्वाषाढ़ा — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 8:24 अपराह्न तक, फिर उत्तराषाढ़ा।
- योग सावधानी
शूल — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — कल, 6:22 पूर्वाह्न तक, फिर गण्ड।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 11:24 अपराह्न के बाद षष्ठी।
- करण शुद्ध
बव — चर करण, शुभ — 10:03 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
रवि योग (8:24 अपराह्न – कल, 6:50 पूर्वाह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- गुलिक काल6:49 पूर्वाह्न – 8:08 पूर्वाह्नसावधानी
- राहुकाल9:28 पूर्वाह्न – 10:47 पूर्वाह्नत्याज्य
- अभिजित मुहूर्त11:43 पूर्वाह्न – 12:31 अपराह्नशुभ
- यमगंड1:26 अपराह्न – 2:46 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल2:59 अपराह्न – 4:35 अपराह्नशुभ
- रवि योग8:24 अपराह्न – कल, 6:50 पूर्वाह्नसिद्ध योग
- वर्ज्यम्कल, 4:08 पूर्वाह्न – कल, 5:44 पूर्वाह्नसावधानी
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:14 पूर्वाह्न – कल, 6:02 पूर्वाह्नशुभ
- पूर्वाषाढ़ा → उत्तराषाढ़ा8:24 अपराह्नपरिवर्तन
- पंचमी → षष्ठी11:24 अपराह्नपरिवर्तन
- शूल → गण्डकल, 6:22 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 8:08 पूर्वाह्न – 9:28 पूर्वाह्न
- 10:47 पूर्वाह्न – 1:26 अपराह्न
- 2:46 अपराह्न – 5:25 अपराह्न