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दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

12-11-2026 · गुरुवार · चंडीगढ़
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल तृतीया · गुरुवारज्येष्ठा नक्षत्र · सुकर्मा योग · गर करणपरिहार: रवि योग
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    ज्येष्ठा — तीक्ष्ण (दारुण) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 2:19 अपराह्न तक, फिर मूल।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल तृतीया (जया) — शुभ तिथि। 6:09 अपराह्न के बाद चतुर्थी — रिक्ता।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    सुकर्मा — शुभ योग — कल, 4:26 पूर्वाह्न तक, फिर धृति।

  • करण शुद्ध

    गर — चर करण, शुभ — 6:09 अपराह्न तक, फिर वणिज।

  • विशेष शुभ योग शुद्ध

    रवि योग (2:19 अपराह्न – कल, 6:48 पूर्वाह्न)।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड6:47 पूर्वाह्न – 8:06 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल9:26 पूर्वाह्न – 10:46 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:42 पूर्वाह्न – 12:30 अपराह्नशुभ
  • राहुकाल1:26 अपराह्न – 2:46 अपराह्नत्याज्य
  • रवि योग2:19 अपराह्न – कल, 6:48 पूर्वाह्नसिद्ध योग
  • अमृत कालकल, 4:32 पूर्वाह्न – कल, 6:08 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:12 पूर्वाह्न – कल, 6:00 पूर्वाह्नशुभ
  • ज्येष्ठा → मूल2:19 अपराह्नपरिवर्तन
  • तृतीया → चतुर्थी6:09 अपराह्नपरिवर्तन
  • सुकर्मा → धृतिकल, 4:26 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 8:06 पूर्वाह्न – 9:26 पूर्वाह्नतृतीया
  • 10:46 पूर्वाह्न – 1:26 अपराह्नतृतीयाअभिजित
  • 2:46 अपराह्न – 5:26 अपराह्नतृतीयासिद्ध योग