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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

06-12-2026 · रविवार · बीकानेर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी · रविवारस्वाति नक्षत्र · शोभन योग · गर करण
उत्तम
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार ध्यान दें

    रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण त्रयोदशी (जया) — शुभ तिथि। कल, 2:22 पूर्वाह्न के बाद चतुर्दशी — रिक्ता।

  • नक्षत्र शुद्ध

    स्वाति — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 1:38 अपराह्न तक, फिर विशाखा।

  • योग शुद्ध

    शोभन — शुभ योग — 7:41 पूर्वाह्न तक, फिर अतिगण्ड।

  • करण शुद्ध

    गर — चर करण, शुभ — 1:34 अपराह्न तक, फिर वणिज।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    भद्रा कल, 2:23 पूर्वाह्न – कल, 7:16 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अभिजित मुहूर्त12:03 अपराह्न – 12:51 अपराह्नशुभ
  • यमगंड12:27 अपराह्न – 1:45 अपराह्नसावधानी
  • गुलिक काल3:03 अपराह्न – 4:21 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल4:21 अपराह्न – 5:39 अपराह्नत्याज्य
  • वर्ज्यम्7:44 अपराह्न – 9:20 अपराह्नसावधानी
  • अमृत कालकल, 4:10 पूर्वाह्न – कल, 5:46 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:40 पूर्वाह्न – कल, 6:28 पूर्वाह्नशुभ
  • शोभन → अतिगण्ड7:41 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • स्वाति → विशाखा1:38 अपराह्नपरिवर्तन
  • त्रयोदशी → चतुर्दशीकल, 2:22 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:15 पूर्वाह्न – 12:27 अपराह्नत्रयोदशीअभिजित
  • 1:45 अपराह्न – 3:03 अपराह्नत्रयोदशी