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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

13-12-2026 · रविवार · भुवनेश्वर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थी · रविवारश्रावण नक्षत्र · ध्रुव योग · विष्टि करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    शुक्ल चतुर्थी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 4:48 अपराह्न के बाद पंचमी — शुभ।

  • वार ध्यान दें

    रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।

  • करण ध्यान दें

    विष्टि — विष्टि (भद्रा) करण, भद्रा अनुभाग देखें — 4:48 अपराह्न तक, फिर बव।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • नक्षत्र शुद्ध

    श्रावण — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य (पूरे दिन)।

  • योग शुद्ध

    ध्रुव — शुभ योग — 12:14 अपराह्न तक, फिर व्याघात।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    भद्रा 6:14 पूर्वाह्न – 4:48 अपराह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    मार्गशीर्ष मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्10:42 पूर्वाह्न – 12:18 अपराह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:16 पूर्वाह्न – 12:04 अपराह्नशुभ
  • यमगंड11:40 पूर्वाह्न – 1:02 अपराह्नसावधानी
  • गुलिक काल2:23 अपराह्न – 3:45 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल3:45 अपराह्न – 5:07 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल9:30 अपराह्न – 11:06 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:38 पूर्वाह्न – कल, 5:26 पूर्वाह्नशुभ
  • ध्रुव → व्याघात12:14 अपराह्नपरिवर्तन
  • चतुर्थी → पंचमी4:48 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:14 पूर्वाह्न – 10:42 पूर्वाह्नचतुर्थी
  • 1:02 अपराह्न – 2:23 अपराह्नचतुर्थी