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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

30-10-2026 · शुक्रवार · भुवनेश्वर
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन कृष्ण पंचमी · शुक्रवारमृगशिरा नक्षत्र · शिव योग · कौलव करण
उत्तम
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण पंचमी (पूर्णा) — शुभ तिथि। 7:25 अपराह्न के बाद षष्ठी।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    मृगशिरा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 9:04 पूर्वाह्न तक, फिर आर्द्रा।

  • योग शुद्ध

    शिव — शुभ योग — 8:41 अपराह्न तक, फिर सिद्ध।

  • करण शुद्ध

    कौलव — चर करण, शुभ — 8:46 पूर्वाह्न तक, फिर तैतिल।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल7:13 पूर्वाह्न – 8:39 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल10:04 पूर्वाह्न – 11:30 पूर्वाह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:06 पूर्वाह्न – 11:54 पूर्वाह्नशुभ
  • वर्ज्यम्1:08 अपराह्न – 2:44 अपराह्नसावधानी
  • यमगंड2:21 अपराह्न – 3:46 अपराह्नसावधानी
  • अमृत कालकल, 1:03 पूर्वाह्न – कल, 2:39 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:12 पूर्वाह्न – कल, 5:00 पूर्वाह्नशुभ
  • मृगशिरा → आर्द्रा9:04 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • पंचमी → षष्ठी7:25 अपराह्नपरिवर्तन
  • शिव → सिद्ध8:41 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 5:48 पूर्वाह्न – 7:13 पूर्वाह्नपंचमी
  • 8:39 पूर्वाह्न – 10:04 पूर्वाह्नपंचमी
  • 11:30 पूर्वाह्न – 1:08 अपराह्नपंचमीअभिजित
  • 3:46 अपराह्न – 5:12 अपराह्नपंचमी