पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- तिथि दोष
कृष्ण अमावस्या (पूर्णा) — अमावस्या शुभ कार्यों में त्याज्य। 12:32 अपराह्न के बाद प्रतिपदा।
- करण ध्यान दें
नाग — स्थिर करण, सामान्य — 12:32 अपराह्न तक, फिर किंस्तुघ्न।
- विशेष शुभ योग ध्यान दें
आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।
- वार शुद्ध
सोमवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- नक्षत्र शुद्ध
स्वाति — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 7:24 पूर्वाह्न तक, फिर विशाखा।
- योग शुद्ध
सौभाग्य — शुभ योग — कल, 2:56 पूर्वाह्न तक, फिर शोभन।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
आज भद्रा नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।
दिन की समय-रेखा
- राहुकाल7:42 पूर्वाह्न – 9:09 पूर्वाह्नत्याज्य
- यमगंड10:35 पूर्वाह्न – 12:02 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:38 पूर्वाह्न – 12:26 अपराह्नशुभ
- वर्ज्यम्1:27 अपराह्न – 3:03 अपराह्नसावधानी
- गुलिक काल1:29 अपराह्न – 2:55 अपराह्नसावधानी
- अमृत काल11:49 अपराह्न – कल, 1:25 पूर्वाह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:41 पूर्वाह्न – कल, 5:29 पूर्वाह्नशुभ
- स्वाति → विशाखा7:24 पूर्वाह्नपरिवर्तन
- अमावस्या → प्रतिपदा12:32 अपराह्नपरिवर्तन
- सौभाग्य → शोभनकल, 2:56 पूर्वाह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:16 पूर्वाह्न – 7:42 पूर्वाह्न
- 9:09 पूर्वाह्न – 10:35 पूर्वाह्न
- 12:02 अपराह्न – 1:27 अपराह्न
- 3:03 अपराह्न – 5:49 अपराह्न