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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

01-10-2027 · शुक्रवार · बाली (देनपसार)
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा · शुक्रवारचित्रा नक्षत्र · इन्द्र योग · बव करण
उत्तम
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि ध्यान दें

    शुक्ल प्रतिपदा (नंदा) — शुक्ल प्रतिपदा पर चंद्र निर्बल। 8:05 पूर्वाह्न के बाद द्वितीया — शुभ।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    चित्रा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 3:19 पूर्वाह्न तक, फिर स्वाति।

  • योग शुद्ध

    इन्द्र — शुभ योग — 8:41 अपराह्न तक, फिर वैधृति।

  • करण शुद्ध

    बव — चर करण, शुभ — 8:05 पूर्वाह्न तक, फिर बालव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

पंचांग के पाँचों अंग शुभ हैं, कोई बड़ा दोष नहीं। सामान्य शुभ कार्यों के लिए दिन अच्छा है — नीचे दिए शुद्ध समय-खंड चुनें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल7:35 पूर्वाह्न – 9:06 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल10:37 पूर्वाह्न – 12:08 अपराह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:44 पूर्वाह्न – 12:32 अपराह्नशुभ
  • वर्ज्यम्12:14 अपराह्न – 1:50 अपराह्नसावधानी
  • यमगंड3:10 अपराह्न – 4:41 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल9:17 अपराह्न – 10:53 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:28 पूर्वाह्न – कल, 5:16 पूर्वाह्नशुभ
  • प्रतिपदा → द्वितीया8:05 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • इन्द्र → वैधृति8:41 अपराह्नपरिवर्तन
  • चित्रा → स्वातिकल, 3:19 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 6:04 पूर्वाह्न – 7:35 पूर्वाह्नप्रतिपदा
  • 9:06 पूर्वाह्न – 10:37 पूर्वाह्नद्वितीया
  • 1:50 अपराह्न – 3:10 अपराह्नद्वितीया
  • 4:41 अपराह्न – 6:13 अपराह्नद्वितीया