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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

08-11-2026 · रविवार · बाली (देनपसार)
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन कृष्ण चतुर्दशी · रविवारचित्रा नक्षत्र · प्रीति योग · शकुनि करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • तिथि सावधानी

    कृष्ण चतुर्दशी (रिक्ता) — शुभ कार्य आरंभ में त्याज्य। 1:58 अपराह्न के बाद अमावस्या — वर्जित।

  • वार ध्यान दें

    रविवार — राजकीय, चिकित्सा व अग्नि संबंधी कार्यों में शुभ; मांगलिक कार्यों में मध्यम।

  • करण ध्यान दें

    शकुनि — स्थिर करण, सामान्य — 1:58 अपराह्न तक, फिर चतुष्पाद।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • नक्षत्र शुद्ध

    चित्रा — मृदु (मैत्र) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 8:22 पूर्वाह्न तक, फिर स्वाति।

  • योग शुद्ध

    प्रीति — शुभ योग — 5:57 पूर्वाह्न तक, फिर आयुष्मान।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • अभिजित मुहूर्त11:38 पूर्वाह्न – 12:26 अपराह्नशुभ
  • यमगंड12:02 अपराह्न – 1:35 अपराह्नसावधानी
  • वर्ज्यम्2:20 अपराह्न – 3:56 अपराह्नसावधानी
  • गुलिक काल3:08 अपराह्न – 4:41 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल4:41 अपराह्न – 6:15 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत कालकल, 1:40 पूर्वाह्न – कल, 3:16 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:13 पूर्वाह्न – कल, 5:01 पूर्वाह्नशुभ
  • प्रीति → आयुष्मान5:57 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • चित्रा → स्वाति8:22 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • चतुर्दशी → अमावस्या1:58 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 5:49 पूर्वाह्न – 12:02 अपराह्नचतुर्दशीअभिजित
  • 1:35 अपराह्न – 2:20 अपराह्नचतुर्दशी