DivyaKaal

दिव्य समय, शुभ जीवन

दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

06-11-2026 · शुक्रवार · बाली (देनपसार)
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन कृष्ण द्वादशी · शुक्रवारउत्तर फाल्गुनी नक्षत्र · वैधृति योग · तैतिल करण
वर्जित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • योग दोष

    वैधृति — महापात योग, शुभ कार्यों में पूर्णतः त्याज्य — 7:39 पूर्वाह्न तक, फिर विष्कम्भ।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण द्वादशी (भद्रा) — शुभ तिथि। 1:01 अपराह्न के बाद त्रयोदशी।

  • वार शुद्ध

    शुक्रवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • नक्षत्र शुद्ध

    उत्तर फाल्गुनी — ध्रुव (स्थिर) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — 6:25 पूर्वाह्न तक, फिर हस्त।

  • करण शुद्ध

    तैतिल — चर करण, शुभ — 1:01 अपराह्न तक, फिर गर।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज का पंचांग शुभ कार्यों के आरंभ के लिए त्याज्य है। पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं; नए शुभ कार्य के लिए अगला शुद्ध दिन देखें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • गुलिक काल7:23 पूर्वाह्न – 8:56 पूर्वाह्नसावधानी
  • राहुकाल10:29 पूर्वाह्न – 12:02 अपराह्नत्याज्य
  • अभिजित मुहूर्त11:38 पूर्वाह्न – 12:26 अपराह्नशुभ
  • वर्ज्यम्3:06 अपराह्न – 4:42 अपराह्नसावधानी
  • यमगंड3:08 अपराह्न – 4:41 अपराह्नसावधानी
  • अमृत काल11:31 अपराह्न – कल, 1:07 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:14 पूर्वाह्न – कल, 5:02 पूर्वाह्नशुभ
  • उत्तर फाल्गुनी → हस्त6:25 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • वैधृति → विष्कम्भ7:39 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • द्वादशी → त्रयोदशी1:01 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 5:50 पूर्वाह्न – 7:23 पूर्वाह्नद्वादशी
  • 8:56 पूर्वाह्न – 10:29 पूर्वाह्नद्वादशी
  • 12:02 अपराह्न – 3:06 अपराह्नद्वादशीअभिजित
  • 4:42 अपराह्न – 6:15 अपराह्नत्रयोदशी