DivyaKaal

दिव्य समय, शुभ जीवन

दिव्यकाल स्वचालित विश्लेषण

पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

05-11-2026 · गुरुवार · बाली (देनपसार)
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

आश्विन कृष्ण एकादशी · गुरुवारपूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · इन्द्र योग · बालव करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • नक्षत्र सावधानी

    पूर्वा फाल्गुनी — उग्र (क्रूर) नक्षत्र, मांगलिक कार्यों में त्याज्य — 6:00 पूर्वाह्न तक, फिर उत्तर फाल्गुनी।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    कृष्ण एकादशी (नंदा) — शुभ तिथि। 1:06 अपराह्न के बाद द्वादशी।

  • वार शुद्ध

    गुरुवार — सौम्य वार, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।

  • योग शुद्ध

    इन्द्र — शुभ योग — 8:56 पूर्वाह्न तक, फिर वैधृति।

  • करण शुद्ध

    बालव — चर करण, शुभ — 1:06 अपराह्न तक, फिर कौलव।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • भद्रा शुद्ध

    आज भद्रा नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    आश्विन मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • यमगंड5:50 पूर्वाह्न – 7:23 पूर्वाह्नसावधानी
  • गुलिक काल8:56 पूर्वाह्न – 10:29 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:38 पूर्वाह्न – 12:26 अपराह्नशुभ
  • वर्ज्यम्1:20 अपराह्न – 2:56 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल1:35 अपराह्न – 3:08 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल11:31 अपराह्न – कल, 1:07 पूर्वाह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 4:14 पूर्वाह्न – कल, 5:02 पूर्वाह्नशुभ
  • पूर्वा फाल्गुनी → उत्तर फाल्गुनी6:00 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • इन्द्र → वैधृति8:56 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • एकादशी → द्वादशी1:06 अपराह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 7:23 पूर्वाह्न – 8:56 पूर्वाह्नएकादशी
  • 10:29 पूर्वाह्न – 1:20 अपराह्नएकादशीअभिजित
  • 3:08 अपराह्न – 6:15 अपराह्नद्वादशी