पंचांग शुद्धि
दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में
पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण
- सर्वोत्तम
- उत्तम
- दोष युक्त
- वर्जित
- वार सावधानी
मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।
- योग सावधानी
परिघ — अशुभ योग, विशेषकर आरंभिक घटियाँ त्याज्य — 2:35 अपराह्न तक, फिर शिव।
- नक्षत्र ध्यान दें
कृत्तिका — मिश्र (साधारण) नक्षत्र, सामान्य कार्यों हेतु — 9:55 अपराह्न तक, फिर रोहिणी।
- करण ध्यान दें
विष्टि — विष्टि (भद्रा) करण, भद्रा अनुभाग देखें — 8:35 पूर्वाह्न तक, फिर बव।
- तिथि शुद्ध
शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णा) — शुभ तिथि। 6:53 अपराह्न के बाद प्रतिपदा।
- विशेष शुभ योग शुद्ध
सर्वार्थ सिद्धि योग (6:45 पूर्वाह्न – 9:55 अपराह्न)।
- अशुभ योग शुद्ध
दग्ध या यमघंट योग नहीं।
- भद्रा शुद्ध
भद्रा 6:45 पूर्वाह्न – 8:36 पूर्वाह्न स्वर्गलोक में — पृथ्वी पर दोष नहीं।
- पंचक शुद्ध
पंचक नहीं।
- मास शुद्ध
कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।
आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।
दिन की समय-रेखा
- सर्वार्थ सिद्धि योग6:45 पूर्वाह्न – 9:55 अपराह्नसिद्ध योग
- यमगंड9:26 पूर्वाह्न – 10:47 पूर्वाह्नसावधानी
- वर्ज्यम्11:14 पूर्वाह्न – 12:50 अपराह्नसावधानी
- अभिजित मुहूर्त11:44 पूर्वाह्न – 12:32 अपराह्नशुभ
- गुलिक काल12:08 अपराह्न – 1:29 अपराह्नसावधानी
- राहुकाल2:50 अपराह्न – 4:11 अपराह्नत्याज्य
- अमृत काल7:47 अपराह्न – 9:23 अपराह्नशुभ
- ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:09 पूर्वाह्न – कल, 5:57 पूर्वाह्नशुभ
- परिघ → शिव2:35 अपराह्नपरिवर्तन
- पूर्णिमा → प्रतिपदा6:53 अपराह्नपरिवर्तन
- कृत्तिका → रोहिणी9:55 अपराह्नपरिवर्तन
दिन के शुद्ध समय-खंड
सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।
- 6:45 पूर्वाह्न – 9:26 पूर्वाह्न
- 1:29 अपराह्न – 2:50 अपराह्न
- 4:11 अपराह्न – 5:32 अपराह्न