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पंचांग शुद्धि

दिन के पाँचों अंग, विशेष योग, दोष और शुभ-अशुभ समय — एक नज़र में

17-11-2026 · मंगलवार · अबू धाबी
सूर्योदय कालीन पंचांग के आधार पर

पंचांग शुद्धि एवं विश्लेषण

कार्तिक शुक्ल अष्टमी · मंगलवारधनिष्ठा नक्षत्र · ध्रुव योग · विष्टि करण
दोष युक्त · परिहार सहित
  1. सर्वोत्तम
  2. उत्तम
  3. दोष युक्त
  4. वर्जित
  • वार सावधानी

    मंगलवार — क्रूर वार — विवाह, गृह-प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों में त्याज्य।

  • भद्रा सावधानी

    मृत्युलोक (पृथ्वी) की भद्रा 6:40 पूर्वाह्न – 3:48 अपराह्न — इस अवधि में शुभ कार्य न करें।

  • करण ध्यान दें

    विष्टि — विष्टि (भद्रा) करण, भद्रा अनुभाग देखें — 3:47 अपराह्न तक, फिर बव।

  • विशेष शुभ योग ध्यान दें

    आज सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि या रवि योग जैसा कोई विशेष योग नहीं।

  • तिथि शुद्ध

    शुक्ल अष्टमी (जया) — शुभ तिथि। कल, 4:35 पूर्वाह्न के बाद नवमी — रिक्ता।

  • नक्षत्र शुद्ध

    धनिष्ठा — चर (चल) नक्षत्र, शुभ कार्यों में ग्राह्य — कल, 3:04 पूर्वाह्न तक, फिर शतभिषा।

  • योग शुद्ध

    ध्रुव — शुभ योग — कल, 6:35 पूर्वाह्न तक, फिर व्याघात।

  • अशुभ योग शुद्ध

    दग्ध या यमघंट योग नहीं।

  • पंचक शुद्ध

    पंचक नहीं।

  • मास शुद्ध

    कार्तिक मास — खरमास या अधिक मास नहीं।

सरल निष्कर्ष

आज पंचांग में कुछ दोष हैं। दैनिक कार्य और पूजा-पाठ कर सकते हैं; विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए बेहतर दिन चुनें या आचार्य से परामर्श लें।

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

दिन की समय-रेखा

  • वर्ज्यम्6:40 पूर्वाह्न – 6:46 पूर्वाह्नसावधानी
  • भद्रा (पृथ्वी)6:40 पूर्वाह्न – 3:48 अपराह्नत्याज्य
  • यमगंड9:23 पूर्वाह्न – 10:45 पूर्वाह्नसावधानी
  • अभिजित मुहूर्त11:43 पूर्वाह्न – 12:31 अपराह्नशुभ
  • गुलिक काल12:07 अपराह्न – 1:28 अपराह्नसावधानी
  • राहुकाल2:50 अपराह्न – 4:12 अपराह्नत्याज्य
  • अमृत काल3:41 अपराह्न – 5:17 अपराह्नशुभ
  • ब्रह्म मुहूर्तकल, 5:05 पूर्वाह्न – कल, 5:53 पूर्वाह्नशुभ
  • धनिष्ठा → शतभिषाकल, 3:04 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • अष्टमी → नवमीकल, 4:35 पूर्वाह्नपरिवर्तन
  • ध्रुव → व्याघातकल, 6:35 पूर्वाह्नपरिवर्तन

दिन के शुद्ध समय-खंड

सूर्योदय से सूर्यास्त तक, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्यम् और पृथ्वी की भद्रा छोड़कर (30 मिनट से लंबे)।

  • 4:12 अपराह्न – 5:34 अपराह्नअष्टमी