DivyaKaal

दिव्य समय, शुभ जीवन

दैनिक लग्न सारिणी

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के लग्न परिवर्तन और उनके स्वभाव का विवरण।

चर (सक्रिय)
स्थिर (स्थायी)
द्विस्वभाव (मिश्रित)

सभी विवरण देखने के लिए तालिका को दाएँ-बाएँ स्वाइप करें।

लग्न/राशिसमयस्वामी (ग्रह)स्वभावस्थिति
8
वृश्चिक
🌅 उदय लग्न
05:26
→
05:30
मंगल
स्थिर (स्थायी)
—
9
धनु
05:30
→
07:42
गुरु
द्विस्वभाव (मिश्रित)
—
10
मकर
07:42
→
09:56
शनि
चर (सक्रिय)
—
11
कुंभ
09:56
→
12:06
शनि
स्थिर (स्थायी)
—
12
मीन
12:06
→
14:13
गुरु
द्विस्वभाव (मिश्रित)
—
1
मेष
14:13
→
16:26
मंगल
चर (सक्रिय)
—
2
वृषभ
16:26
→
18:40
शुक्र
स्थिर (स्थायी)
—
3
मिथुन
18:40
→
20:46
बुध
द्विस्वभाव (मिश्रित)
—
4
कर्क
20:46
→
22:35
चंद्र
चर (सक्रिय)
—
5
सिंह
22:35
→
00:10
सूर्य
स्थिर (स्थायी)
—
6
कन्या
00:10
→
01:44
बुध
द्विस्वभाव (मिश्रित)
—
7
तुला
01:44
→
03:26
शुक्र
चर (सक्रिय)
—
8
वृश्चिक
03:26
→
05:26
मंगल
स्थिर (स्थायी)
—
9
धनु
05:26
→
05:27
गुरु
द्विस्वभाव (मिश्रित)
—

ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि

लग्न व्यक्ति के व्यक्तित्व और बाहरी दुनिया के साथ उसकी बातचीत का प्रतिनिधित्व करता है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए "विहित लग्न" और "चर स्वभाव" श्रेष्ठ माने जाते हैं, जबकि दीर्घकालिक स्थिरता के लिए "स्थिर लग्न" का चुनाव उत्तम रहता है।