DivyaKaal

दिव्य समय, शुभ जीवन

शुभ मुहूर्त

अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सबसे शुभ समय, नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति का चयन करें।

चयनित माह पहले · सभी 12 माह उपलब्ध

Tतिति (लूनर डे): 1 से 30
Nनक्षत्र (चाँद का निवास): 1 से 27
Yogaनित्य योग: 1 से 27

* ये संख्याएं संबंधित ज्योतिषीय गणना के सूचकांक को दर्शाती हैं।

संपत्ति खरीद शुभ मुहूर्त 2026: माहवार तिथियां (अहमदाबाद)

अहमदाबाद के स्थानीय समय के अनुसार वर्ष 2026 में संपत्ति खरीद के लिए कुल 41 शुभ दिन मिले हैं। मई में इस कार्य के लिए कोई शुभ समय नहीं बनता। दूसरे शहर का समय अलग होता है, इसलिए ऊपर अपना शहर चुनें।

संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026 – माहवार सूची
माहशुभ तिथियां
जनवरी 20261 जनवरी (गुरुवार), 23 जनवरी (शुक्रवार), 25 जनवरी (रविवार), 28 जनवरी (बुधवार)
फरवरी 202619 फरवरी (गुरुवार), 20 फरवरी (शुक्रवार), 21 फरवरी (शनिवार)
मार्च 202620 मार्च (शुक्रवार), 24 मार्च (मंगलवार), 25 मार्च (बुधवार)
अप्रैल 20261 अप्रैल (बुधवार), 20 अप्रैल (सोमवार), 21 अप्रैल (मंगलवार), 28 अप्रैल (मंगलवार), 29 अप्रैल (बुधवार)
मई 2026कोई शुभ समय नहीं
जून 202621 जून (रविवार), 24 जून (बुधवार), 26 जून (शुक्रवार), 27 जून (शनिवार)
जुलाई 202618 जुलाई (शनिवार), 20 जुलाई (सोमवार), 24 जुलाई (शुक्रवार), 29 जुलाई (बुधवार)
अगस्त 202615 अगस्त (शनिवार), 16 अगस्त (रविवार), 17 अगस्त (सोमवार), 25 अगस्त (मंगलवार)
सितंबर 202612 सितंबर (शनिवार), 13 सितंबर (रविवार), 14 सितंबर (सोमवार), 17 सितंबर (गुरुवार), 21 सितंबर (सोमवार)
अक्टूबर 202615 अक्टूबर (गुरुवार), 23 अक्टूबर (शुक्रवार)
नवंबर 202610 नवंबर (मंगलवार), 21 नवंबर (शनिवार)
दिसंबर 202612 दिसंबर (शनिवार), 18 दिसंबर (शुक्रवार), 19 दिसंबर (शनिवार), 22 दिसंबर (मंगलवार), 23 दिसंबर (बुधवार)
हर तिथि का समय, तिथि, नक्षत्र, योग और दैनिक शुभ समय देखें
तारीखसमयतिथिनक्षत्रयोगदैनिक शुभ समयविशेष योग
1 जनवरी, गुरुवार08:41 – 12:06त्रयोदशीरोहिणीशुभअभिजीत 12:19 – 13:07
12:06 – 14:02त्रयोदशीरोहिणीशुभ
15:23 – 17:12त्रयोदशीरोहिणीशुभ
17:12 – 22:22त्रयोदशीरोहिणीशुक्ल
23 जनवरी, शुक्रवार16:57 – 01:46पंचमीउत्तर भाद्रपदशिवअभिजीत 12:27 – 13:15
25 जनवरी, रविवार00:40 – 07:22सप्तमीरेवतीसिद्धअभिजीत 12:28 – 13:16रवि योग
07:22 – 11:45सप्तमीरेवतीसिद्ध
11:58 – 12:51सप्तमीरेवतीसाध्य
28 जनवरी, बुधवार10:06 – 12:52दशमीरोहिणीब्रह्मअभिजीत 12:28 – 13:16सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग
14:14 – 16:36दशमीरोहिणीब्रह्म
16:36 – 23:53एकादशीरोहिणीब्रह्म
19 फरवरी, गुरुवार20:51 – 03:21तृतीयाउत्तर भाद्रपदसाध्यअभिजीत 12:29 – 13:17
20 फरवरी, शुक्रवार03:21 – 07:09तृतीयाउत्तर भाद्रपदसाध्यअभिजीत 12:29 – 13:17
07:09 – 11:27तृतीयाउत्तर भाद्रपदसाध्य
12:53 – 14:38तृतीयाउत्तर भाद्रपदसाध्य
21 फरवरी, शनिवार13:01 – 14:19पंचमीरेवतीशुभअभिजीत 12:29 – 13:17रवि योग
15:50 – 19:07पंचमीरेवतीशुक्ल
20 मार्च, शुक्रवार04:52 – 06:45द्वितीयारेवतीब्रह्मअभिजीत 12:23 – 13:11सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग
06:45 – 11:16द्वितीयारेवतीब्रह्म
12:47 – 15:44द्वितीयारेवतीब्रह्म
17:18 – 22:14द्वितीयारेवतीब्रह्म
24 मार्च, मंगलवार17:19 – 19:04सप्तमीरोहिणीआयुष्मानअभिजीत 12:22 – 13:10रवि योग
19:04 – 02:57सप्तमीमृगशिराआयुष्मान
25 मार्च, बुधवार02:57 – 06:02सप्तमीमृगशिराआयुष्मानअभिजीत 12:21 – 13:09सर्वार्थ सिद्धि योग
06:02 – 06:40सप्तमीमृगशिरासौभाग्य
06:40 – 08:11सप्तमीमृगशिरासौभाग्य
09:42 – 12:45सप्तमीमृगशिरासौभाग्य
1 अप्रैल, बुधवार19:21 – 06:32पूर्णिमाहस्तध्रुवअभिजीत 12:19 – 13:07रवि योग
20 अप्रैल, सोमवार04:35 – 06:16तृतीयारोहिणीसौभाग्यअभिजीत 12:14 – 13:02सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग
06:16 – 07:28तृतीयारोहिणीसौभाग्य
21 अप्रैल, मंगलवार04:15 – 06:15पंचमीमृगशिराशोभनअभिजीत 12:14 – 13:02
06:15 – 09:26पंचमीमृगशिराशोभन
11:02 – 12:31पंचमीमृगशिराशोभन
28 अप्रैल, मंगलवार21:04 – 22:36त्रयोदशीउत्तर फाल्गुनीहर्षणअभिजीत 12:13 – 13:01
22:36 – 06:09त्रयोदशीहस्तहर्षण
29 अप्रैल, बुधवार06:09 – 07:19त्रयोदशीहस्तहर्षणअभिजीत 12:13 – 13:01सर्वार्थ सिद्धि योग
09:23 – 12:37त्रयोदशीहस्तहर्षण
14:14 – 19:52त्रयोदशीहस्तहर्षण
21 जून, रविवार09:31 – 11:21सप्तमीउत्तर फाल्गुनीसिद्धिअभिजीत 12:17 – 13:05
24 जून, बुधवार10:22 – 12:41दशमीचित्राशिवअभिजीत 12:18 – 13:06रवि योग
26 जून, शुक्रवार22:22 – 05:57त्रयोदशीअनुराधासाध्यअभिजीत 12:18 – 13:06
27 जून, शनिवार05:57 – 09:19त्रयोदशीअनुराधासाध्यअभिजीत 12:18 – 13:06
11:00 – 11:32त्रयोदशीअनुराधासाध्य
11:32 – 12:32त्रयोदशीअनुराधासाध्य
12:32 – 14:23त्रयोदशीअनुराधाशुभ
16:04 – 22:11त्रयोदशीअनुराधाशुभ
18 जुलाई, शनिवार18:00 – 20:45पंचमीउत्तर फाल्गुनीवरीयानअभिजीत 12:21 – 13:09
20 जुलाई, सोमवार03:30 – 06:06सप्तमीहस्तशिवअभिजीत 12:22 – 13:10
06:06 – 07:45सप्तमीहस्तशिव
09:25 – 11:05सप्तमीहस्तशिव
12:45 – 15:41सप्तमीहस्तशिव
15:41 – 18:36सप्तमीहस्तशिव
18:36 – 19:09सप्तमीहस्तसिद्ध
19:09 – 04:03सप्तमीचित्रासिद्ध
24 जुलाई, शुक्रवार01:42 – 06:07दशमीअनुराधाशुक्लअभिजीत 12:22 – 13:10सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग
06:08 – 09:13दशमीअनुराधाशुक्ल
09:13 – 11:06एकादशीअनुराधाशुक्ल
12:46 – 16:05एकादशीअनुराधाशुक्ल
17:44 – 20:11एकादशीअनुराधाशुक्ल
20:11 – 22:23एकादशीअनुराधाब्रह्म
22:23 – 04:36एकादशीअनुराधाब्रह्म
29 जुलाई, बुधवार07:15 – 07:49पूर्णिमाउत्तराषाढ़ाप्रीतिअभिजीत 12:22 – 13:10
09:28 – 12:46पूर्णिमाउत्तराषाढ़ाप्रीति
14:25 – 15:37पूर्णिमाउत्तराषाढ़ाप्रीति
15 अगस्त, शनिवार03:42 – 06:03तृतीयाउत्तर फाल्गुनीशिवअभिजीत 12:20 – 13:08रवि योग
06:17 – 07:08तृतीयाउत्तर फाल्गुनीशिव
07:08 – 09:30तृतीयाउत्तर फाल्गुनीसिद्ध
11:07 – 14:20तृतीयाउत्तर फाल्गुनीसिद्ध
15:57 – 17:29तृतीयाउत्तर फाल्गुनीसिद्ध
16 अगस्त, रविवार16:53 – 17:33पंचमीहस्तसाध्यअभिजीत 12:19 – 13:07सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग
19:10 – 03:50पंचमीहस्तसाध्य
17 अगस्त, सोमवार04:07 – 04:51पंचमीचित्राशुभअभिजीत 12:19 – 13:07रवि योग
04:51 – 06:17पंचमीचित्राशुभ
06:17 – 07:53पंचमीचित्राशुभ
09:30 – 11:06पंचमीचित्राशुभ
12:43 – 17:00पंचमीचित्राशुभ
25 अगस्त, मंगलवार06:21 – 07:40त्रयोदशीउत्तराषाढ़ाआयुष्मानअभिजीत 12:17 – 13:05
07:40 – 09:30त्रयोदशीउत्तराषाढ़ासौभाग्य
11:05 – 15:51त्रयोदशीउत्तराषाढ़ासौभाग्य
17:26 – 19:13त्रयोदशीउत्तराषाढ़ासौभाग्य
19:13 – 22:51त्रयोदशीउत्तराषाढ़ासौभाग्य
12 सितंबर, शनिवार07:46 – 09:30द्वितीयाउत्तर फाल्गुनीशुभअभिजीत 12:11 – 12:59
11:03 – 12:55द्वितीयाउत्तर फाल्गुनीशुभ
12:55 – 14:07द्वितीयाहस्तशुभ
15:40 – 19:23द्वितीयाहस्तशुक्ल
19:23 – 06:26द्वितीयाहस्तशुक्ल
13 सितंबर, रविवार06:26 – 07:08द्वितीयाहस्तशुक्लअभिजीत 12:11 – 12:59सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग
07:08 – 12:35तृतीयाहस्तशुक्ल
14:07 – 17:11तृतीयाचित्राब्रह्म
19:03 – 06:26तृतीयाचित्राब्रह्म
14 सितंबर, सोमवार06:26 – 07:07तृतीयाचित्राब्रह्मअभिजीत 12:11 – 12:59
17 सितंबर, गुरुवार12:49 – 14:05सप्तमीअनुराधाप्रीतिअभिजीत 12:10 – 12:58सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग
15:36 – 19:53सप्तमीअनुराधाप्रीति
21 सितंबर, सोमवार04:34 – 06:29दशमीउत्तराषाढ़ाशोभनअभिजीत 12:08 – 12:56रवि योग
06:29 – 06:59दशमीउत्तराषाढ़ाशोभन
06:59 – 07:59दशमीउत्तराषाढ़ाशोभन
09:30 – 11:01दशमीउत्तराषाढ़ाशोभन
12:32 – 16:05दशमीउत्तराषाढ़ाशोभन
15 अक्टूबर, गुरुवार01:13 – 04:03पंचमीअनुराधासौभाग्यअभिजीत 12:01 – 12:49
23 अक्टूबर, शुक्रवार21:02 – 22:08त्रयोदशीउत्तर भाद्रपदध्रुवअभिजीत 11:59 – 12:47
10 नवंबर, मंगलवार14:00 – 15:09द्वितीयाअनुराधाशोभनअभिजीत 11:59 – 12:47
16:32 – 02:54द्वितीयाअनुराधाशोभन
21 नवंबर, शनिवार04:55 – 06:32एकादशीउत्तर भाद्रपदसिद्धिअभिजीत 12:01 – 12:49
12 दिसंबर, शनिवार03:04 – 07:11तृतीयाउत्तराषाढ़ावृद्धिअभिजीत 12:09 – 12:57रवि योग
07:11 – 09:51तृतीयाउत्तराषाढ़ावृद्धि
11:16 – 13:52तृतीयाउत्तराषाढ़ाध्रुव
18 दिसंबर, शुक्रवार23:14 – 07:16दशमीरेवतीवरीयानअभिजीत 12:12 – 13:00
19 दिसंबर, शनिवार07:16 – 09:56दशमीरेवतीवरीयानअभिजीत 12:12 – 13:00रवि योग
22 दिसंबर, मंगलवार11:17 – 14:24त्रयोदशीरोहिणीसाध्यअभिजीत 12:14 – 13:02सर्वार्थ सिद्धि योग
23 दिसंबर, बुधवार20:53 – 04:53पूर्णिमामृगशिराशुक्लअभिजीत 12:14 – 13:02सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग

समय 24-घंटे के प्रारूप में हैं। आधी रात के बाद का समय अगली तारीख में गिना गया है। अभिजीत मुहूर्त मध्याह्न के आसपास का दैनिक शुभ समय है।

विशेष मार्गदर्शिका

संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026

संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026 के लिए नई दिल्ली में कुल 41 शुभ दिन हैं। अप्रैल, सितंबर और दिसंबर में सबसे अधिक, पाँच-पाँच तारीखें हैं; मई में कोई तारीख नहीं है। 15 अक्टूबर 2026 के बाद अगली तारीखें 23 अक्टूबर, 10 नवंबर और 21 नवंबर हैं। सभी विकल्प देखने के लिए कैलेंडर के नीचे दी गई महीनेवार तालिका देखें, जिसमें समय, तिथि और नक्षत्र साथ दिए गए हैं। ये परिणाम नई दिल्ली के हैं; शहर बदलने पर समय बदलता है। अपने स्थान की गणना देखने के लिए ऊपर शहर बदलें और फिर अपनी नियोजित खरीद की तारीख का उपलब्ध समय देखें।

दिव्यकाल संपत्ति खरीद का मुहूर्त कैसे निकालता है?

गणना में रोहिणी, मृगशिरा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद और रेवती नक्षत्र स्वीकार किए जाते हैं। स्वीकृत तिथियाँ शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया, शुक्ल पंचमी, शुक्ल सप्तमी, शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी, शुक्ल त्रयोदशी और पूर्णिमा हैं। संपत्ति खरीद के लिए कोई वार-प्रतिबंध नहीं है। केवल नक्षत्र या तिथि का नाम मिलना पर्याप्त नहीं: हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग और करण के बदलाव जाँचे जाते हैं। समय चुने हुए शहर के अक्षांश-देशांतर और समय-क्षेत्र के आधार पर, लाहिड़ी अयनांश से निकलता है। इसीलिए एक तारीख में कई अलग समय-खंड दिख सकते हैं; पूरी तारीख को लगातार शुभ समय न मानें।

किन समयों को हटाया जाता है?

अमावस्या और कृष्ण चतुर्दशी हमेशा बाहर रखी जाती हैं। विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, इन्द्र और वैधृति योग भी स्वीकार नहीं हैं। विष्टि करण यानी भद्रा, राहुकाल और यमगण्ड के समय हटाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त अधिक मास, होलाष्टक और पितृ पक्ष अवरुद्ध अवधियाँ हैं। इन छँटाइयों के बाद बचा समय कम-से-कम 30 मिनट का होना चाहिए, तभी वह उपलब्ध मुहूर्त बनता है। तालिका में दिखने वाला छोटा समय-खंड भी इसी न्यूनतम सीमा से गुजरता है। किसी तारीख के दो समय-खंडों के बीच खाली अंतर हो तो उन्हें जोड़कर एक लंबा मुहूर्त न मानें; प्रत्येक उपलब्ध खंड को अलग पढ़ें।

2026 के महीनेवार प्रमुख विकल्प

तारीखों की संख्या के आधार पर अप्रैल, सितंबर और दिसंबर सबसे अधिक विकल्प देते हैं: प्रत्येक में पाँच दिन हैं। जनवरी, जून, जुलाई और अगस्त में चार-चार, फरवरी और मार्च में तीन-तीन तथा अक्टूबर और नवंबर में दो-दो दिन हैं। मई में कोई तारीख नहीं है। लगातार तारीखों वाले समूहों में 19-21 फरवरी, 15-17 अगस्त और 12-14 सितंबर शामिल हैं; दिसंबर में 18-19 और 22-23 तारीखें भी लगातार हैं। विशेष योगों में 20 मार्च, 16 अगस्त और 13 सितंबर पर सर्वार्थ सिद्धि योग तथा अमृत सिद्धि योग दर्ज हैं। 22 दिसंबर पर सर्वार्थ सिद्धि योग और 23 दिसंबर पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग है। प्रत्येक तारीख का वास्तविक उपलब्ध समय नीचे की तालिका में देखें; योग का नाम पूरे दिन की उपलब्धता नहीं बताता।

बुकिंग, भुगतान और रजिस्ट्री की योजना

पहले तय करें कि आप टोकन या बुकिंग, समझौते पर हस्ताक्षर, बिक्री विलेख की रजिस्ट्री अथवा कब्जा लेने में से किस चरण को मुहूर्त में रखना चाहते हैं। उसी काम के लिए तालिका का उपलब्ध समय चुनें। रजिस्ट्री हो तो कार्यालय की नियुक्ति, पक्षकारों की उपस्थिति, दस्तावेज और भुगतान की तैयारी उस समय के आसपास रखें। स्वामित्व, भार या बकाया, अनुमतियाँ और स्टांप शुल्क की जाँच भी तैयारी में शामिल करें। कुछ विकल्प रात या सूर्योदय से पहले हैं: 23 अक्टूबर का समय 21:03-22:08 और 21 नवंबर का 04:55-06:32 है। इन्हें कार्यालय के खुले रहने का संकेत न समझें। आधी रात पार करने वाले समय में दोनों सिरों की कैलेंडर तारीख स्पष्ट करें और चुने गए चरण की व्यावहारिक उपलब्धता मिलाएँ।

संपत्ति खरीद, गृह प्रवेश और नींव पूजन में अंतर

यह पृष्ठ संपत्ति खरीद की गणना दिखाता है। गृह प्रवेश और नींव पूजन अलग उद्देश्यों के मुहूर्त हैं, जिनके नियम अलग होते हैं; खरीद की तारीख को अपने-आप उन कार्यों के लिए लागू न करें। उदाहरण के लिए, नई दिल्ली में 22 दिसंबर को शुक्ल त्रयोदशी और रोहिणी के साथ 11:02-14:24 का संपत्ति खरीद मुहूर्त मिलता है। यह जानकारी उसी उद्देश्य की है, गृह प्रवेश या नींव पूजन की पुष्टि नहीं। यदि खरीद, निर्माण की शुरुआत और रहने की शुरुआत अलग अवसरों पर हों, तो हर उद्देश्य की गणना अलग देखें। इससे खरीद की तालिका में मिली तारीख को किसी दूसरे संस्कार की स्वीकृति समझने की भूल नहीं होगी।

सामान्य प्रश्न

15 अक्टूबर के बाद संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026 की अगली तारीख कौन-सी है?

नई दिल्ली में अगली तारीख 23 अक्टूबर 2026 है। उपलब्ध समय 21:03-22:08 है, जिसमें शुक्ल त्रयोदशी और उत्तर भाद्रपद हैं। इसके बाद 10 नवंबर और 21 नवंबर के विकल्प हैं। अपने स्थान का समय देखने के लिए ऊपर शहर बदलें।

नवंबर 2026 में संपत्ति खरीदने के शुभ मुहूर्त कब हैं?

नई दिल्ली में नवंबर में दो तारीखें हैं। 10 नवंबर को शुक्ल द्वितीया और अनुराधा में 14:00-14:46 तथा 16:07-02:54 के समय हैं। 21 नवंबर को शुक्ल एकादशी और उत्तर भाद्रपद में 04:55-06:32 का समय है; उस तारीख पर रवि योग भी दर्ज है।

दिसंबर 2026 में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए कौन-सी तारीखें हैं?

नई दिल्ली की दिसंबर सूची में 12, 18, 19, 22 और 23 दिसंबर हैं। इनमें 22 दिसंबर को शुक्ल त्रयोदशी और रोहिणी के साथ 11:02-14:24 का विकल्प है। यह कार्यालय से समय लेने के लिए देखने योग्य खंड है; नियुक्ति की उपलब्धता कार्यालय से मिलाएँ।

मई 2026 में संपत्ति खरीद का कोई मुहूर्त है?

नई दिल्ली के लिए मई 2026 की गणना में कोई शुभ तारीख नहीं है। उससे पहले अप्रैल में पाँच और उसके बाद जून में चार तारीखें हैं। जून का पहला सूचीबद्ध विकल्प 21 जून को शुक्ल सप्तमी और उत्तर फाल्गुनी में 09:31-11:21 है।

क्या रविवार को संपत्ति खरीद का मुहूर्त मिल सकता है?

हाँ। दिव्यकाल की संपत्ति खरीद गणना में कोई वार-प्रतिबंध नहीं है। उदाहरण के लिए, रविवार 21 जून 2026 को नई दिल्ली में 09:31-11:21 का समय है, जिसमें शुक्ल सप्तमी और उत्तर फाल्गुनी हैं। निर्णय केवल वार से नहीं, सभी लागू गणना-नियमों से होता है।

क्या संपत्ति खरीद का मुहूर्त आधी रात के बाद भी हो सकता है?

हाँ। नई दिल्ली में 18 दिसंबर का सूचीबद्ध समय 23:14-07:09 है, जिसमें शुक्ल दशमी और रेवती हैं। गणना सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की जाती है, इसलिए रात पार करने वाले समय मिल सकते हैं। व्यवस्था करते समय समाप्ति की कैलेंडर तारीख भी स्पष्ट रखें।

मुहूर्त आपकी योजना में सहायक है, लेकिन कानूनी और वित्तीय जाँच तथा परिवार या पुरोहित के मार्गदर्शन का विकल्प नहीं।